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    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का 'लिटमस टेस्ट', चेक गणराज्य में ग्रैंड प्रिक्स टूर्नामेंट से शुरू होगी भारतीय मुक्केबाजों की तैयारी

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 01:17 PM (IST)

    भारतीय मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए चेक गणराज्य में 16 से 21 जून तक ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। ...और पढ़ें

    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का 'लिटमस टेस्ट' (फाइल फोटो)

    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का 'लिटमस टेस्ट' (फाइल फोटो)

    सुरेश मेहरा, भिवानी। भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए जून का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। कामनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय मुक्केबाज अपनी तैयारियों को परखने के लिए चेक गणराज्य में होने वाली प्रतिष्ठित ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम मुक्केबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।

    यह टूर्नामेंट 16 से 21 जून तक आयोजित किया जाएगा और इसे पुरुष एवं महिला एलीट मुक्केबाजों के लिए गोल्ड-श्रेणी का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट माना जा रहा है। भारतीय टीम में वे मुक्केबाज शामिल होंगे जिनका चयन कामनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और संभावित टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

    यह प्रतियोगिता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, रणनीति और मानसिक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा होगी। महिला और पुरुषों की भारतीय टीम में नौ मुक्केबाज हरियाणा से हैं। टीम 13 या 14 जून को चेक गणराज्य के लिए दिल्ली से उड़ान भरेगी।

    वरिष्ठ कोच ने क्या बताया?

    द्रौणाचार्य अवार्डी और भारतीय खेल प्राधिकरण भिवानी से वरिष्ठ कोच महावीर सिंह बताते हैं उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और दुनिया के कई शीर्ष मुक्केबाज यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

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    भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और कोचिंग स्टाफ इस प्रतियोगिता को कामनवेल्थ गेम्स से पहले सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय तैयारी मंच के रूप में देख रहे हैं। यहां खिलाड़ियों को यूरोप और अन्य महाद्वीपों के मजबूत मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कमजोरियों और मजबूत पक्षों का आकलन किया जा सकेगा।

    द्रौणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह कहते हैं इस वर्ष कामनवेल्थ गेम्स का आयोजन स्काटलैंड के शहर ग्लासगो में 23 जुलाई से दो अगस्त तक होगा। ऐसे में उस्ती नाद लाबेम में होने वाला प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजों के आत्मविश्वास, विश्व रैंकिंग और अंतिम टीम रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

    कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद

    भारतीय दल के कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से इस प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों की स्थिति का अंतिम आकलन इसी टूर्नामेंट के आधार पर करेगा, ताकि ग्लास्गो में भारत अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतर सके।

    कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले चेक गणराज्य में होने वाली प्रतियोगिता अहम है। इसमें खिलाड़ी खुद को साबित करेंगे। वे पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतरेंगे। हमारे सभी मुक्केबाज ऊर्जा से सराबोर हैं और अपने बेस्ट परिणाम देते हुए खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।

    ये मुक्केबाज खेलने जाएंगे चेक गणराज्य

    मुक्केबाज (Boxer) गृह राज्य/ज़िला (Location) भार वर्ग (Weight Category - kg)
    जादूमणी मणिपुर 55
    सचिन सिवाच जूनियर भिवानी (हरियाणा) 60
    आदित्य उत्तर प्रदेश (UP) 65
    सुमित कुंडू जींद (हरियाणा) 70
    अंकुश हिसार (हरियाणा) 80
    कपिल उत्तराखंड 90
    नरेंद्र बेड़वाल हिसार (हरियाणा) 90+ (प्लस)

    कॉमनवेल्थ में ये महिला मुक्केबाज खेलेंगी

    मुक्केबाज (Boxer) गृह राज्य/ज़िला (Location) भार वर्ग (Weight Category - kg)
    साक्षी ढांडा भिवानी (हरियाणा) 51 kg
    प्रीति पंवार भिवानी (हरियाणा) 54 kg
    जैस्मीन लंबोरिया भिवानी (हरियाणा) 57 kg
    प्रिया घणघस भिवानी (हरियाणा) 60 kg
    प्रवीण हुड्डा रोहतक (हरियाणा) 65 kg
    अरूंधती चौधरी राजस्थान 70 kg
    लवलीना बोरोगोहेन असम 75 kg