भिवानी के चरखी दादरी में नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, 7 महीने में 62 तस्कर गिरफ्तार; 14 किलो मादक पदार्थ जब्त
चरखी दादरी पुलिस ने पिछले सात महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 62 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें
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भिवानी के चरखी दादरी में नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन (फोटो: जागरण)
HighLights
7 माह में 62 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार।
पुलिस ने करीब 14 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए।
10 तस्करों की नशे से कमाई संपत्ति जब्त।
हनी सोनी, चरखी दादरी। नशे के सौदागरों और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ जिला पुलिस ने अपनी कार्रवाई को बेहद आक्रामक कर दिया है। जिला पुलिस कप्तान लोगेश कुमार पी. के कड़े निर्देशों पर काम करते हुए एंटी-नारकोटिक्स सेल और स्थानीय थानों की पुलिस ने पिछले सात महीनों में नशा तस्करों की कमर तोड़कर रख दी है।
इस साल के शुरुआती 7 महीनों में 62 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। बता दें कि पिछले सात माह में नशा तस्करों से जिला पुलिस करीब 14 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद कर चुकी है।
इन्हें बेचने में अगर तस्कर कामयाब हो जाते तो इनकी कीमत लाखों में रहती। वहीं, पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नशा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। इतना ही नहीं, पुलिस ने जिले के 10 तस्करों की नशे से अर्जित की संपत्ति भी जब्त की है, जिससे कुछ तो इस काम से तौब्बा ही कर गए है।
दरअसल, मादक पदार्थों के बढ़ते कारोबार को लेकर समसपुर में ग्रामीणों ने धरना शुरू किया था। इसके बाद तो पुलिस ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी। लगातार अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर तस्करों की धरपकड़ की गई और यहां तक कि महिला तस्कर को भी नहीं बख्शा गया। इस कार्रवाई का ही परिणाम है कि काफी हद तक नशा तस्करी पर अब जिले में लगाम लगी है।
7 माह में मादक पदार्थ तस्करों पर हुई ये कार्रवाई
पिछले सात महीनों के भीतर नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और तस्करी के खिलाफ कुल 30 केस दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमों में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 62 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने इन तस्करों के कब्जे से अब तक करीब 14 किलोग्राम अलग-अलग प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए है।
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तस्करों से 7.310 किलोग्राम गांजा, 11503 किलोग्राम अफीम, 134 ग्राम चरस, 4.701 किलोग्राम चूरा पोस्त और 322 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है और यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
पिछले साल का रिकार्ड टूटा, पुलिस हुई और मुस्तैद
अगर इस साल की कार्रवाई की तुलना पिछले साल की समान अवधि से की जाए, तो इस बार पुलिस का ग्राफ काफी ऊपर रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल न सिर्फ दर्ज मामलों की संख्या में इजाफा हुआ है, बल्कि गिरफ्तारियों और नशीले पदार्थों की बरामदगी का आंकड़ा भी काफी ज्यादा है।
पुलिस ने इस बार खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए सीधे तस्करों के ठिकाने और उनकी सप्लाई चेन पर प्रहार किया है। यही वजह है कि इस बार नशा नेटवर्क से जुड़े कई बड़े मगरमच्छ भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जो राज्य के बाहर से नशा लाकर यहां के युवाओं की रगों में जहर घोल रहे थे। वर्ष 2025 में एक जनवरी से 31 जुलाई तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 20 केस दर्ज हुए थे जिनमें 33 तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी।
एसपी की अपील: अभिभावक रखें बच्चों की गतिविधियों पर नजर
पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी. ने आम जनता और विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कोई युवा अचानक गुमसुम रहने लगे, उसके व्यवहार में चिड़चिड़ापन आए या उसकी संगत संदेहास्पद हो, तो तुरंत काउंसलिंग का सहारा लें।
नशा रूपी दलदल को केवल कानूनी डंडे से नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग से ही खत्म किया जा सकता है। अगर आस-पास कोई भी व्यक्ति नशा बेचता या सप्लाई करता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दे। सूचनाकर्ता का नाम गुप्त रखकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।