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    सोनम वांगचुक के शिक्षा सुधार अभियान के समर्थन में भिवानी के दादरी में धरना जारी, कई संगठनों का मिला साथ

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 01:52 PM (IST)

    चरखी दादरी के किला मैदान में सोनम वांगचुक के शिक्षा सुधार अभियान के समर्थन में धरना जारी है, जिसमें विभिन्न संगठन शामिल हैं। ...और पढ़ें

    शहर के किला मैदान में धरना दे रहे हैं जनसंगठन (फोटो: जागरण)

    शहर के किला मैदान में धरना दे रहे हैं जनसंगठन (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. चरखी दादरी में सोनम वांगचुक के शिक्षा सुधार अभियान को समर्थन।

    2. राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा सुधार की मांग की गई।

    3. सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने पर जोर।

    जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शिक्षा सुधार अभियान के समर्थन में चरखी दादरी के किला मैदान में चल रहा धरना-प्रदर्शन जारी है। आंदोलन को लगातार मिल रहे जनसमर्थन ने इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप देना शुरू कर दिया है।

    धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, युवाओं, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को बुलंद किया। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें शिक्षा सुधार से जुड़ी मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की गई।

    धरना स्थल पर सीटू की जिला सहसंयोजक कमलेश भैरवी अपनी टीम के साथ पहुंची और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किए बिना देश का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

    उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीटू इस जनहित के संघर्ष में आंदोलनकारियों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। धरने के दौरान अधिवक्ता संजीव तक्षक ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि चरखी दादरी जिले के सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने, आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चलाया जा रहा है।

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    उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सरकारी शिक्षण संस्थानों की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।

    धरनास्थल से आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र शिक्षा सुधार की दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिए और चरखी दादरी जिले के सरकारी कालेजों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, अधिवक्ता राहुल फोगाट के नेतृत्व में युवा साथियों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के किला मैदान के लिए रवाना हुआ, जहां उन्होंने शिक्षा सुधार की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में भाग लेकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।