चरमराई बिजली व्यवस्था पर भिवानी की जनता में भारी आक्रोश, शिकायतों के बाद भी अधिकारी मौन
भीषण गर्मी के बीच भिवानी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे रात भर बिजली कटौती और पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। ...और पढ़ें
-1784455326495_m.webp)
भिवानी में बिजली-पानी संकट से हाहाकार (फोटो: जागरण)
HighLights
भिवानी में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था चरमराई।
रात भर बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी बाधित।
शिकायतों पर अधिकारियों की उदासीनता से जनता में रोष।
जागरण संवाददाता, भिवानी। भीषण गर्मी के बीच शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह हांफती नजर आ रही है। रात-रात भर लग रहे दो-दो घंटे के बिजली कटों ने लोगों की नींद छीन ली है, जबकि बिजली गुल होते ही पेयजल आपूर्ति भी पटरी से उतर गई है।
हालात ऐसे हैं कि दिन तो किसी तरह गुजर जाता है, लेकिन उमस भरी रातों में बिना बिजली के लोगों का चैन छिन गया है। अव्वल बिजली नहीं आती और आती है तो पंखे कूलर भी जवाब दे रहे हैं। ऊपर से शिकायत लेकर अधिकारियों को फोन करो तो जवाब मिलने के बजाय कालर ट्यून पर संस्कारों का पाठ सुनने को मिलता है। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।
नागरिकों प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच दिनों में प्रतिदिन 86 लाख से बढ़कर 91 लाख से अधिक यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई है। बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
निगम के पास प्रतिदिन 250 से 300 शिकायतें
निगम के पास प्रतिदिन 250 से 300 शिकायतें पहुंच रही हैं। ट्रांसफार्मर जवाब दे रहे हैं। बिजली कर्मचारी दिनरात लग कर भी व्यवस्था को पूरी तरह से सुधार नहीं पा रहे हैं। हालांकि दावे हर सीजन में किए जाते हैं कि इस बार बिजली कट नहीं होने दिए जाएंगे। इस पर लाखों करोड़ों रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं पर व्यवस्था है कि पटरी पर नहीं आ पा रही है।
खबरें और भी
नागरिकों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए जारी नंबरों पर काल होल्ड पर डाल दी जाती है या कोई सुनवाई नहीं होती। कई अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। सबसे अधिक नाराजगी अधिकारियों के मोबाइल की उस कालर ट्यून को लेकर है, जिसमें सुनाई देता है क्या आपके माता-पिता ने अच्छे संस्कार नहीं दिए, जो इतनी रात में फोन कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जब रात में बिजली नहीं होगी तो शिकायत भी उसी समय करनी पड़ेगी। नागरिकों ने प्रशासन और बिजली निगम से रात्रिकालीन बिजली कटौती पर तत्काल नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति को नियमित करने तथा शिकायतों के त्वरित समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी में राहत देने के बजाय व्यवस्था ही सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। अब जनता को वादे नहीं, चौबीस घंटे जवाबदेह व्यवस्था चाहिए।
नागरिक बोले कुछ तो सुध लीजिये, बहुत गर्मी है
नगर व्यापार मंडल के प्रधान भानुप्रकाश ने कहा कि रात में बच्चों और बुजुर्गों का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। बिजली कटते ही घर भट्टी बन जाता है और पानी भी नहीं आता। अब केवल आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।
पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र सभ्रवाल ने कहा कि पानी आने का समय तय है, लेकिन उसी समय बिजली चली जाती है। मोटर नहीं चलती और पूरा दिन प्रभावित हो जाता है। आखिर आम आदमी जाए तो जाए कहां जाए।
अभिषेक बंसल ने कहा कि शिकायत के लिए फोन मिलाओ तो या तो काल होल्ड पर रहती है या कोई उठाता ही नहीं। समस्या सुनने के बजाय कालर ट्यून से उपदेश दिया जा रहा है।
कर्मचारी नेता नरेंद्र दिनोद ने कहा कि बिजली और पानी दोनों मूलभूत सुविधाएं हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो लोग बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
माकपा और किसान मजदूर नेता कॉमरेड ओमप्रकाश ने कहा कि जनता का धैर्य जवाब दे रहा है। व्यवस्था मेंं सुधार कीजिये नहीं तो लोग सड़क पर उतरने के लिए तैयार बैठे हैं। बिजली पानी मूलभूत जरूरत हैं। ये तो सुचारू कर दीजिये।