चरखी दादरी में बारिश से फसलों को मिला जीवनदान, किसानों को राहत, यूरिया की खपत बढ़ने की उम्मीद
चरखी दादरी में हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं, जिससे फसलों को संजीवनी मिली है और उनकी बढ़वार तेज होगी। ...और पढ़ें

चरखी दादरी में बारिश से फसलों को मिला जीवनदान (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। जिले में हुई अच्छी बरसात ने किसानों के चेहरों पर रौनक लौटा दी है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई।
कृषि जानकारों के अनुसार सूखने की कगार पर पहुंच चुकी फसलों के लिए यह बारिश रामबाण साबित होगी। वहीं, किसान धान रोपाई व बाजरा की फसल की बुआई कर सकेंगे। बरसात के बाद से यूरिया की खपत भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनने के कारण बीजों का अंकुरण बेहतर होगा और पहले से खड़ी फसलों की बढ़वार भी तेज होगी। खासकर कपास और बाजरे की फसल में इस समय बारिश के बाद यूरिया का प्रयोग किया जा सकता है।
जिससे पौधों की वृद्धि तेजी से होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले में यूरिया की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों की बाजरा की फसल 20 से 25 दिन और कपास की फसल दो माह की हो चुकी है वे किसान प्रति एकड़ 25 से 30 किलो यूरिया दे सकते हैं। ग्वार की फसल में खाद देने की आवश्यकता नहीं है।
बरसात के बाद बढ़ेगी यूरिया की खपत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के बाद खेत में पर्याप्त नमी हो गई है और जिन खेतों में जलभराव नहीं है वे अपनी फसल में यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। इससे जिले में यूरिया की खपत एकदम से बढ़ेगी।
हालांकि जिले में वर्तमान में यूरिया का स्टाक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसानों को सोसायटी सहित दूसरे बिक्री केंद्रों से आसानी से उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा किसानों ने बरसात से पहले ही यूरिया खरीद ली है जिससे किसी प्रकार की समस्या बनती दिखाई नहीं दे रही है।
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इसके विपरीत डीएपी की किल्लत लगातार जारी है और किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है। जुलाई माह के अंत तक किसान पछेती बाजरा की फसल और धान लगा सकते हैं जिसके लिए डीएपी की आवश्यकता है लेकिन किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही और वे परेशानी झेल रहे हैं।
31 जुलाई तक लगा सकते हैं फसल
कृषि उप निदेशक डा.रवींद्र जाखड़ ने बताया कि बरसात के बाद धान रोपाई के लिए मौसम अनुकूल हुआ है। जुलाई के अंत तक धान उत्पादक किसान अपने खेतों में फसल लगा सकते हैं। इसके अलावा 31 जुलाई तक बाजरा की पछेती फसल एचएचबी-67 की बुआई भी किसान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में मानसून सक्रिय हुआ है और 25 जुलाई तक बरसात होने की संभावना है। उन्हेांने कहा कि बारिश के बाद खेतों में खरपतवार भी तेजी से बढ़ेगी। इसलिए किसान समय रहते निराई-गुड़ाई करें और जहां तक संभव हो खरपतवारनाशी के प्रयोग से बचे।
सोसायटी पर यूरिया उपलब्ध डीएपी खत्म
शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित दा जमींदारा कापरेटिव सोसायटी पर यूरिया के 1170 बैग का स्टाक उपलब्ध है। इसके अलावा एनपीके के 350, टीएसपी के 280 बैग हैं। लेकिन सोसायटी पर डीएपी का स्टाक कई दिनों से खत्म है।