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    हरियाणा में UG एडमिशन की प्रक्रिया हुई आसान, अब 'डिफर बटन' से मिलेगा मनपसंद कॉलेज

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 08:57 AM (IST)

    हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातक दाखिला प्रक्रिया में 'डिफर बटन' नामक नई सुविधा शुरू की है। ...और पढ़ें

    हरियाणा में UG एडमिशन की प्रक्रिया हुई आसान (फोटो: जागरण)

    हरियाणा में UG एडमिशन की प्रक्रिया हुई आसान (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातक दाखिला में 'डिफर बटन' शुरू किया।

    2. छात्रों को मनपसंद कॉलेज या विषय चुनने का मौका।

    3. 27 जुलाई तक डिफर विकल्प चुनने का अवसर उपलब्ध।

    नवनीत शर्मा, भिवानी। पहली मेरिट सूची में पसंदीदा कालेज या मनचाहा विषय नहीं मिलने पर अब विद्यार्थियों को सीट छोड़ने या जल्दबाजी में फैसला लेने की जरूरत नहीं होगी। हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातक दाखिला प्रक्रिया में इस बार डिफर बटन की नई सुविधा शुरू की है।

    इसके माध्यम से छात्र पहली मेरिट सूची में सीट आवंटित होने के बाद भी दूसरी मेरिट सूची में बेहतर विकल्प का इंतजार कर सकेंगे। विद्यार्थियों को 27 जुलाई तक डिफर विकल्प चुनने का अवसर दिया गया है। इस कदम से छात्रों को अधिक विकल्प मिलेंगे और प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान व लचीली होगी।

    डिफर विकल्प से मिलेगा दूसरा मौका

    नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी छात्र को पहली मेरिट सूची में सीट मिल जाती है, लेकिन वह किसी अन्य कॉलेज या कोर्स की उम्मीद कर रहा है तो वह डिफर विकल्प चुन सकता है। इससे उसकी वर्तमान सीट तुरंत अंतिम नहीं होगी और वह अगली मेरिट सूची की प्रक्रिया में शामिल रहेगा।

    दूसरी सूची में बेहतर विकल्प मिलने पर छात्र वहां प्रवेश ले सकेगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी पसंद के अनुसार निर्णय लेने का अवसर मिलेगा और प्रवेश छोड़ने का जोखिम भी कम होगा।

    सीट फ्रीज और डिफर में अंतर समझना जरूरी

    सीट आवंटन के बाद विद्यार्थियों को फ्रीज और डिफर के विकल्प मिलेंगे। फ्रीज का चयन करने वाले छात्र अपनी मिली हुई सीट को स्वीकार कर उसी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके लिए निर्धारित समय में फीस जमा करनी होगी।

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    वहीं डिफर विकल्प चुनने वाले विद्यार्थी अगली मेरिट सूची का इंतजार कर सकेंगे। विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बेहतर अवसर मिलने तक अपने विकल्प खुले रख सकें और सीटों का सही उपयोग हो सके।

    कॉलेजों में कम होगी दाखिले की परेशानी

    हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी कालेजों में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। पहले चरण में मनपसंद कालेज नहीं मिलने पर कई छात्र सीट लाक कर लेते थे, जबकि कुछ प्रवेश छोड़ देते थे। इससे बाद में सीटें खाली रह जाती थीं और कालेजों को दोबारा प्रक्रिया करनी पड़ती थी। नई सुविधा से कालेज बदलने, फीस वापसी और दस्तावेज सत्यापन जैसी परेशानियों में कमी आएगी।

    प्रवेश कार्यक्रम

    - पहली फाइनल मेरिट सूची जारी हुई: 22 जुलाई
    - पहली सूची के चयनित विद्यार्थियों के लिए फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 27 जुलाई
    - दूसरी मेरिट सूची: 29 जुलाई
    - दूसरी सूची के चयनित अभ्यर्थियों की फीस जमा अवधि: 30 जुलाई से तीन अगस्त
    - सीटें रिक्त रहने पर चार अगस्त से फिजिकल काउंसिलिंग।
    - रिक्त सीटों के लिए पांच अगस्त से प्रवेश पोर्टल दोबारा खुलेगा।
    - नए पंजीकरण और आवेदन संशोधन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
    - छह से 12 अगस्त: 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ प्रवेश।
    - 13 से 19 अगस्त: प्रतिदिन बढ़ने वाले विलंब शुल्क के साथ प्रवेश।

    प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज

    - सत्यापित परिवार पहचान-पत्र।
    - आधार कार्ड।
    - 10वीं, 12वीं की मार्कशीट।
    - फोटो।
    - स्कूल का चरित्र प्रमाण पत्र।
    - आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जाति प्रमाणपत्र और हरियाणा निवासी प्रमाण पत्र।
    - हरियाणा शिक्षा बोर्ड के अलावा अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट।

    डॉ. संजय गोयल ने कहा कि यह सुविधा विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। पहले कई बार छात्र जल्दबाजी में सीट लाक कर लेते थे और बाद में कालेज या विषय बदलने की इच्छा होने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था।

    डिफर विकल्प शुरू होने से अब विद्यार्थियों को बेहतर कालेज और पसंदीदा कोर्स चुनने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा। छात्रों को सलाह है कि वे ऑनलाइन पोर्टल पर मेरिट सूची और सीट आवंटन से जुड़ी सभी जानकारियों पर नजर रखें। निर्धारित समय में विकल्प का चयन नहीं करने पर उनकी सीट प्रभावित हो सकती है।