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    हाईटेक होगा दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे... AI कैमरों के लिए पोल लगने शुरू, 215 तीसरी आंखें रखेंगी हर गाड़ी पर नजर

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:19 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए एआई आधारित पीटीजी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, ...और पढ़ें

    दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए एआई आधारित पीटीजी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इमेज एआई

    दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए एआई आधारित पीटीजी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इमेज एआई

    HighLights

    1. दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं।

    2. ये कैमरे यातायात निगरानी और दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहायक होंगे।

    3. आपातकालीन सहायता में लगने वाला समय कम होगा, सुरक्षा बढ़ेगी।

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को हाइटेक बनाने के उद्दे्श्य से लगाए जाने वाले एआइ आधारित पीटीजी सीसीटीवी कैमरों के लिए पोल लगने शुरू हो चुके हैं।

    सराय टोल प्लाजा बैरियर से लेकर बल्लभगढ़ अनाज मंडी के सामने तक 17 पोल लगाए जा चुके हैं। होडल टोल प्लाजा तक अगले दो महीने में यह काम पूरा हो जाएगा। बता दें, आगरा सिकंदरा तक ऐसे 215 कैमरे लगाए जाने हैं।

    एनएचएआइ अधिकारियों के अनुसार पोल लगाने का कार्य पूरा होने के बाद इन पर आधुनिक हाइ-रिजाल्यूशन कैमरे स्थापित किए जाएंगे। ये कैमरे पूरे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखेंगे और किसी भी प्रकार की यातायात बाधा, दुर्घटना, जाम अथवा नियम उल्लंघन की स्थिति में संबंधित नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचना उपलब्ध कराएंगे। इसी मकसद से पीटीजी कैमरे लगाए जाने हैं।

    कैमरे चालू होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। सड़क पर बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच रियल टाइम मानिटरिंग से ट्रैफिक का बेहतर संचालन किया जा सकेगा।

    साथ ही दुर्घटना होने की स्थिति में घटनास्थल की त्वरित पहचान कर पुलिस, एंबुलेंस और अन्य राहत एजेंसियों को समय पर सूचना भेजी जा सकेगी, जिससे आपातकालीन सहायता में लगने वाला समय कम होगा और जनहानि को भी घटाने में मदद मिलेगी।

    तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था केवल दुर्घटनाओं पर नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ओवरस्पीडिंग, गलत लेन में वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी निगरानी संभव होगी। इससे सड़क सुरक्षा के प्रति वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ेगी और अनुशासित यातायात संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

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    यह पहल भविष्य में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली की मजबूत नींव साबित होगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कैमरे स्थापित होकर संचालन शुरू होता है, तो दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

    - धीरज सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ।

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