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    फरीदाबाद में बढ़ा डेंगू का खतरा, लार्वा मिलने पर 50 से अधिक लोगों को नोटिस जारी

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 01:41 PM (IST)

    फरीदाबाद में मानसून की शुरुआत में डेंगू के चार और मलेरिया के दो मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा मिलने पर 50 से अधिक लोगों को न ...और पढ़ें

    फागिंग करता हुआ कर्मचारी। सौ: विभाग

    फागिंग करता हुआ कर्मचारी। सौ: विभाग

    HighLights

    1. फरीदाबाद में डेंगू-मलेरिया के मामले बढ़े, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर।

    2. लार्वा मिलने पर 50 से अधिक लोगों को नोटिस दिए गए।

    3. विभाग बुखार के हर मरीज की रक्त जांच कर रहा है।

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। फरीदाबाद जिले में आने वाले दिनों में मलेरिया और डेंगू अपना असर दिखा सकता है। मानसून के शुरुआती दिनों में इन बीमारियों ने स्तक दे दी है।

    स्वास्थ्य विभाग ने अब तक डेंगू के चार और मलेरिया के दो मामलों की पुष्ट की है। जगह-जगह जमा वर्षा और कूलरों के पानी लार्वा पनप रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने उन लोगों को नोटिस देने शुरू किए हैं। जिनके यहां लार्वा मिल रहे हैं। विभाग की टीम ने कुछ ही दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में 50 से अधिक लोगों काे नोटिस दिए हैं।

    हो रही बुखार के हर मरीज के रक्त की जांच

    जिले में बुखार के हर मरीज के रक्त की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि कोई भी बुखार मलेरिया या डेंगू हो सकता है। डेंगू मामले में संवेदनशील क्षेत्रों में फागिंग की जा रही है। लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस देने के साथ घर-घर एंटी लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। कूलरों में पानी की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं।

    आशा वर्कर को भी अभियान से जोड़ा

    डेंगू के मरीजों की निगरानी के साथ आसपास के क्षेत्रों में विशेष सर्वे कराया जा रहा है। आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों को कूलर, गमलों, टायरों और टंकियों की सफाई के लिए जागरूक कर रहे हैं।

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    डेंगू के लक्षण और बचाव के उपाय

    • डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षण 4-6 दिन में दिखते हैं।
    • सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होता है।
    • उल्टी, जी मचलाना और भूख न लगना।
    • थकान, कमजोरी और प्लेटलेट्स का घटना।
    • कई बार गंभीर अवस्था होने पर नाक-मुंह से खून आना, पेट में तेज दर्द या बेहोशी हो सकती है।
    • ऐसे में तुरंत डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    बचाव के उपाय

    घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
    कूलर, गमले, टायर, बोतल में जमा पानी हर हफ्ते साफ करें।
    यह जान लें कि एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है।

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    बचाव पर दें ध्यान

    • फुल बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी लगाएं।
    • घर और आसपास कचरा न जमा होने दें। नालियों में दवा का छिड़काव करवाएं।
    • बुखार होने पर पेनकिलर न लें, खूब पानी पीना चाहिए।
    • डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं।

    हमने लोगों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने को कहा है। लोग एक दिन अपने कूलरों को रगड़ कर साफ करें। समय-सम य पर कूल का पानी बदलते रहें, ताकि लार्वा न पनप सके। बुखार होने पर तुरंत ही रक्त की जांच कराएं। लोगों से अपील है कि बुखार होने पर अपनी मर्जी से दवा न लें। - डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी