दैनिक जागरण पड़ताल: 'हमें नहीं मिल रही कैल्शियम की दवा, प्रोटीन पाउडर भी खत्म'; बाहर से खरीदने को मजबूर
फरीदाबाद के शहरी स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम और प्रोटीन पाउडर जैसी आवश्यक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उन्हें बाहर से खरीदने ...और पढ़ें
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नहीं मिल रही कैल्शियम की दवा। जागरण
HighLights
गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम, प्रोटीन पाउडर नहीं मिल रहा।
केंद्र में बाल व महिला रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं।
जर्जर इमारत की मरम्मत का बजट अब तक स्वीकृत नहीं।
अनिल बेताब, फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेक्टर-21 डी (एसजीएम नगर) में चल रहे शहरी स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में गर्भवती डिलीवरी को आती हैं। मगर यहां उन्हें पूरी दवाएं नसीब नहीं होती हैं।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो स्टोर में गर्भवती को देने के लिए कैल्शियम की दवा और प्रोटीन पाउडर तक उपलब्ध नहीं है। गर्भवती की जांच के बाद उन्हें कैल्शियम और प्रोटीन पाउडर लेने की सलाह तो दी जाती है, मगर जब वह पर्ची लेकर स्टोर तक आती हैं तो बताया जाता है कि यह दवा स्टोर में उपलब्ध नहीं है। बाहर से खरीद लो।
बृहस्पतिवार को जागरण पड़ताल की गई कुछ ऐसी ही स्थिति सामने आई। दवा न मिलने पर कई गर्भवती और उनके स्वजन ने केंद्र की प्रभारी डा. ऋचा बत्रा से मिल कर शिकायत भी की, मगर राहत नहीं मिल पाई।
15 प्रतिशत गर्भवतियों में रक्त की कमी
केंद्र में हर महीने लगभग 400 गर्भवतियों के विभिन्न प्रकार के टेस्ट होते हैं। रक्तचाप और हीमोग्लोबिन की भी जांच होती है। केंद्र के रिकार्ड के अनुसार लगभग 15 प्रतिशत गर्भवतियों में रक्त की कमी है।
गर्भवती व स्वजन ने जताई नाराजगी
इस केंद्र में आने वाली गर्भवती और उनके स्वजन ने कैल्शियम न मिलने पर नाराजगी जताई। एसजीएम नगर निवासी गर्भवती सिंधू व उनके पति संदीप ने केंद्र की प्रभारी डा. ऋचा बत्रा से मिल कर कैल्शियम की दवा
न मिलने पर शिकायत की।
संदीप ने बताया कि डाक्टर ने उनकी पत्नी के लिए पर्ची पर प्राेटीन पाउडर भी लिखा है, मगर वह दवा स्टाेर से नहीं मिला। बबीता के पति विजय ने कहा कि उन्हें तो बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है। केंद्र में कैल्शियम तक नहीं है। बाकी दवाओं की क्या बात करें।
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| महीना | डिलीवरी | रेफर |
|---|---|---|
| जनवरी | 56 | 05 |
| फरवरी | 36 | 06 |
| मार्च | 35 | 02 |
| अप्रैल | 32 | 04 |
| मई | 38 | 03 |
| जून | 46 | 05 |
| कुल | 243 | 25 |
18 शिशु किए गए रेफर
इस केंद्र से छह महीने में 18 शिशु रेफर किए गए हैं।
जनवरी व फरवरी में आठ और मार्च से जून तक 10 शिशुओं को रेफर किया गया है।
नहीं है बाल व महिला रोग विशेषज्ञ
केंद्र में महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। जबकि यह केंद्र विशेष रूप से जच्चा-बच्चा को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। अन्य डाक्टर ही महिलाओं और बच्चों का इलाज करते हैं।
पिछले वर्ष बना था इमारत का एस्टीमेट
इस इमारत का काफी हिस्सा जर्जर हो चुका है। डिलीवरी हट की दीवाराें का पेंट उखड़ रहा है।
इमारत का बाहरी हिस्सा जर्जर होता जा रहा है। केंद्र की ओर से गत वर्ष अगस्त में लोक निर्माण विभाग ने इमारत की दशा सुधारने को 19.70 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाया गया था। केंद्र की ओर से इस्टीमेट
स्वास्थ्य निदेशालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को भेजा गया था। अब तक बजट स्वीकृत नहीं किया गया है।
टेस्टिंग के मामले में मिल रही बेहतर सेवा
केंद्र में पिछले कई दिनों से सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंट) मशीन उपलब्ध होने से गर्भवती के साथ अन्य मरीजों को भी राहत मिली है। टीबी स्क्रीनिंग भी होती है। यहां बड़खल, अनखीर गांव, एसजीएम नगर, सेक्टर-48 और कल्याणपुरी से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं।
हम बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। सप्ताह में दो बार गर्भवती की हीमोग्लोबिन और अन्य जांचें की जाती है। रक्त की कमी को देखते हुए इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछ दिनों से कैल्शियम की कमी है। हमने भंडारण से दवा मंगवाई हुई है। 15 जुलाई तक दवा की कमी पूरी हो जाएगी। जर्जर इमारत की दशा सुधारने के मामले में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। - डा. ऋचा बत्रा, प्रभारी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र