फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों पर हाई कोर्ट का सख्त आदेश, जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी जांच
फरीदाबाद में कृषि भूमि पर एक हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां बन चुकी हैं, जिन पर तोड़फोड़ के बावजूद निर्माण जारी है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अब पुल ...और पढ़ें
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फरीदाबाद में एक हजार से अधिक अवैध कालोनियां काटी जा चुकी है।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। जिले में अब शायद ही ऐसा कोई गांव बचा होगा, जहां कृषि योग्य भूमि पर अवैध कालोनी न काटी गई हो। नगर निगम लिमिट से लेकर यमुना नदी तक एक हजार से अधिक अवैध कालोनियां काटी जा चुकी हैं। लगभग सभी में निर्माण हो रहे हैं।
कुछ में तोड़फोड़ हुई है लेकिन यहां फिर से निर्माण शुरू किए जा चुके हैं। अवैध कालोनियों के बढ़ते जाल से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं। इन कॉलोनियों को बसने से रोकने के लिए विशेष तौर पर जिम्मेदार विभाग जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट है। यहां डीटीपीई के अलावा इनके जेई सहित पूरा तोड़फाेड़ दस्ता होता है।
अधिकारियों की आंखों के सामने कॉलोनी काटी व बसाई दी जाती है और ये तोड़फोड़ के नाम पर खानापूरी करते रहते हैं। अब एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कालोनियां बसाने वाले जिम्मेदारों को ढूंढने और जांच करने के आदेश प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को दिए हैं।
इस आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो जिला नगर योजनाकार विभाग से बीते 10 साल का रिकार्ड तलब करेगी। इसमें देखा जाएगा कि कितनी कालोनी काटी गई और बस गई हैं। इस दौरान जिले में कितने अधिकारी रहे। इस रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई होगी। इस जांच से काफी हलचल पैदा हो गई है।
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एक दशक में तैनात रहे ये डीटीपीई
जिले में एक दशक में जिन डीटीपीई की तैनाती रही है, उनमें धर्मवीर खत्री, इनके बाद नरेश कुमार, राजेंद्र शर्मा, राहुल कुमार रहे हैं। फिलहाल यजन चौधरी डीटीपीई हैं। ऐसा नहीं है कि इन अधिकारियों ने अवैध कालोनियों पर कार्रवाई नहीं की लेकिन रोक नहीं लग सकी। अधिकारियों ने तो यमुना नदी पार जाकर फार्म हाउस तक तोड़े, लेकिन फिर से यहां निर्माण शुरू हो गए।
अवैध कॉलोनियों से बढ़ा खतरा
अवैध कॉलोनियों से सबसे बड़ा खतरा मास्टर प्लान 2031 को पैदा हो गया है। क्योंकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण भी अपने सेक्टरों का दायरा बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए ग्रेटर फरीदाबाद के 18 गांव खेड़ी कलां, नचौली, ताजुपुर, ढहकौला, शाहबाद, बदरपुर सैद, साहुपुरा, सोतई, सुनपेड़, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फत्तुपुरा, भुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा और तिगांव की साढ़े चार हजार एकड़ जमीन ली जाएगी।
इनमें से अधिकतर गांव में अवैध कॉलोनियां काटी जा रही है। इसके अलावा मास्टर प्लान 2031 तैयार हो चुका है। इसके तहत तय किया जा चुका है कि कहां-कहां क्या गतिविधियां होंगी। यदि कृषि योग्य भूमि पर अवैध प्लाटिंग हो जाएगी तो मास्टर प्लान की गतिविधियां प्रभावित होंगी। इस प्लान के तहत मास्टर रोड व सेक्टर रोड बनेंगी। लेकिन यदि अवैध कालोनी कट गई तो बाद में इसे हटाने में दिक्कत होगी।
हर महीने 10 से 12 जगह अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की जा रही है। सूचना मिलने और अपने गुप्त सूत्रों से पता लगते ही दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंच जाता है। - यजन चौधरी, जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट
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