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    22 करोड़ के गबन मामले में पूर्व बीडीपीओ सहित 6 पर चार्जशीट, फरीदाबाद में ग्राम पंचायत ने कैसे किया बड़ा खेल?

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 04:12 PM (IST)

    फरीदाबाद के मुजेड़ी ग्राम पंचायत में 22 करोड़ रुपये के विकास कार्य गबन मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जिला न्यायालय में चार्जशीट दायर क ...और पढ़ें

    22 करोड़ के गबन मामले में पूर्व बीडीपीओ सहित 6 पर चार्जशीट। एआई जनरेटेड

    22 करोड़ के गबन मामले में पूर्व बीडीपीओ सहित 6 पर चार्जशीट। एआई जनरेटेड

    जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। फरीदाबाद में ग्राम पंचायत मुजेड़ी में विकास कार्य किए बिना 22 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर जिला न्यायालय में चार्जशाीट दायर कर दी गई है।

    चार्टशीट में पूर्व बीडीपीओ पूजा शर्मा, उसके भाई ललित मोहन शर्मा, भाभी तनुजा, ठेकेदार हीरालाल, नंदकिशोर और मनोज पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। एसीबी की टीम इस मामले के मुख्य सूत्रधार गांव के पूर्व कार्यवाहक सरपंच बिरमपाल की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

    एसीबी की आगे की जांच इसी गिरफ्तारी पर निर्भर है। दरअसल, पंचायत के एकाउंट से निकाली गई रकम पर कार्यवाहक सरपंच के भी हस्ताक्षर होते थे। आरोपित प्रारंभिक जांच में शामिल हुआ था लेकिन उसके बाद से फरार है।

    वहीं, प्रारंभिक पूछताछ में उसने यही बताया था कि उसने कुछ ऐसे चेक पर हस्ताक्षर किए थे, जिनकी रकम कोई और व्यक्ति निकालकर लाया था।

    गिरफ्तारी के बाद सामने आएंगे सवालों के जवाब

    इसके अलावा पंचायत फंड से सबसे ज्यादा रुपया करीब नौ करोड़ रुपये कार्यवाहक सरपंच के नजदीकी फरहान कांट्रेक्टर के खाते में पहुंचे थे। फरहान ने भी अपने खाते से पैसे निकालकर किस-किस को दिए, इन सभी सवालों के जवाब बिरमपाल की गिरफ्तारी के बाद सामने आ पाएंगे।

    विवित हो, वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के आदेश पर मुजेड़ी ग्राम पंचायत में 22 करोड़ गबन किए जाने की एफआइआर दर्ज की गई थी। तत्कालीन पंच सतबीर कपासिया ने मुख्यमंत्री को शिकायत दी थी।

    शिकायत में बताया था कि कुछ साजिशकर्ताओं ने पहले तो महिला सरंपच रानी को झूठे केस में फंसाकर निलंबित कराया था। सुनियोजित तरीके से पंच बिरमपाल को कार्यवाहक सरंपच बनवाया गया। उस वक्त गांव में कुल 13 पंच थे।

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    इसके बाद वर्ष 2020 में तत्कालीन बीडीपीओ, ग्राम सचिव और कार्यवाहक सरपंच ने पंचायत के खाते से 22 करोड़ रुपये निकालकर अलग-अलग ठेकेदार फर्मों के खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। बीडीपीओ ने काफी रकम अपने सगे भाई ललित मोहन, भाभी तनुजा की फर्म को भी ट्रांसफर कराई।

    12 पंचों ने अपने बयान अंकित कराए

    ये बातें जब पंचों को पता चली तो 12 पंचों ने हस्ताक्षर करके तत्कालीन सीएम से शिकायत की थी। एसीबी की जांच में सभी 12 पंचों ने अपने बयान अंकित कराए हैं। जिनमें उन्होंने कहा है कि 22 करोड़ की जो अदायगी विभिन्न फर्माें को की गई है, उन्होंने गांव में किसी भी प्रकार का कोई विकास कार्य नहीं किया है।

     

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