'नाजायज औलाद' कहने का लिया बदला, मौसी की हत्या करने वाले भांजे को उम्रकैद
फरीदाबाद में मौसी को नाजायज औलाद कहने और पिता को अपशब्द बोलने पर युवक ने उसकी हत्या कर दी। अदालत ने दोषी ब्रजकिशोर को उम्रकैद और 1.52 लाख रुपये जुर्मा ...और पढ़ें

फरीदाबाद में मौसी को नाजायज औलाद कहने और पिता को अपशब्द बोलने पर युवक ने उसकी हत्या कर दी।
HighLights
मौसी को नाजायज औलाद कहने पर युवक ने की हत्या।
दोषी ब्रजकिशोर को अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा।
1.52 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। मौसी को अपने पिता के बारे में अपशब्द बोलना और खुद को नाजायज औलाद कहना इतना नागवार गुजरा कि युवक ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। शादी का कार्ड देने के दौरान हुए विवाद के बाद करीब दो साल तक हत्या का मौका तलाशता रहा।
आखिरकार चेहरे पर कपड़ा बांधकर रात में मौसी के घर में घुसा और डंडे व चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बीच-बचाव में आई मौसी की बेटी को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। करीब सात साल तक अदालत में विचाराधीन रहे मामले में अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपित ब्रजकिशोर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1.52 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले की जानकारी उप जिला न्यायवादी रेखा जेएस जांगड़ा ने दी। दोषी ब्रजकिशोर बाबा नगर, बदरपुर का रहने वाला है। मामला 29 मार्च 2019 को भूपानी थाने में दर्ज हुआ था। घटना से एक दिन पहले 28 मार्च 2019 की रात ब्रजकिशोर चेहरे पर कपड़ा बांधकर मौसी सुनीता के भूपानी स्थित घर में घुसा था। उस समय सुनीता और उसकी बेटी श्वेता सो रही थीं। उसने पहले दोनों पर डंडे से हमला किया और इसके बाद चाकू से कई वार कर दिए। हमले में सुनीता की मौत हो गई, जबकि श्वेता घायल हो गई।
शादी का कार्ड देने गया था, तभी हुआ था विवाद
ब्रजकिशोर शादी का कार्ड देने मोलड़बंद स्थित अपनी मौसी सुनीता के घर गया था। वहां सुनीता ने उसके पिता को काफी बुरा-भला कहा और ब्रजकिशोर को नाजायज औलाद बता दिया। इसी बात से वह बेहद नाराज हो गया और उसने मौसी की हत्या करने की ठान ली। इसके करीब दो साल बाद सुनीता भूपानी में मकान बनाकर रहने लगी।
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ब्रजकिशोर इसके बाद भी दो-तीन बार मौसी से मिलने गया, लेकिन उसे हत्या का मौका नहीं मिला। आखिरकार उसने 28 मार्च 2019 की रात वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद भागते समय ब्रजकिशोर छत से कूद गया, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। पुलिस ने जांच के दौरान उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार उसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया था। इसके बाद से मामला अदालत में विचाराधीन था। अब अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद ब्रजकिशोर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1.52 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।