Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    फरीदाबाद में ये कैसा ट्रांसफर? 400 के बदले दिए सिर्फ 40 शिक्षक, सरकारी स्कूलों में पहले से ही 30% सीटें खाली

    Updated: Mon, 02 Mar 2026 01:01 PM (IST)

    फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में अंतर-जिला तबादलों के बाद अध्यापकों की भारी कमी हो गई है। 400 शिक्षकों के तबादले के मुकाबले केवल 40 नए शिक्षक आए हैं, जि ...और पढ़ें

    शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं सरकारी स्कूल। फोटो: जागरण

    शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं सरकारी स्कूल। फोटो: जागरण

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    निभा रजक, फरीदाबाद। जिला के सरकारी सरकारी स्कूलों में अंतर जिला तबादला के बाद अध्यापकों की संख्या और कम हो गई है। जिसका असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ेगा। अध्यापक एसोसिएशन ने इस तबादला का विरोध जताया है। इससे बुनियादी शिक्षा में गिरावट होगी, स्कूलों का परिणाम भी बिगड़ेगा। एसोसिएशन ने इस तबादला नीति का विरोध जताया है।

    शहर के 378 सरकारी स्कूलों में 1.25 लाख विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पढ़ रहे हैं। वर्तमान में सिर्फ सरकारी स्कूलों में 3600 अध्यापक हैं। इनमें 1700 पीआरटी हैं। यानी स्कूलों में पहले से 30 प्रतिशत अध्यापकों की कमी है।

    इसी बीच 400 अध्यापकों का अंतर जिला ट्रांसफर कर दिया गया है। जबकि सिर्फ 40 अध्यापक फरीदाबाद में आए हैं। अब पीआरटी के रिक्त पदों की संख्या 466 हो गई है। यह अध्यापक नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नए जिलों में ज्वाॅइन करेंगे। जिसके बाद सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की संख्या और अधिक कम हो जाएगी।

    दाखिला पर दिखाई देगा असर, कैसे बढ़ेगी विद्यार्थियों की संख्या

    शहरे के सरकारी स्कूलों में पहले से विद्यार्थियों की संख्या कम है। बल्लभगढ़ और फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां पहली से पांचवीं तक की कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 50 भी नहीं है। ऐसे में अध्यापकों की कमी होने से विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट होगी।

    खबरें और भी

    शिक्षक संघों का कहना है कि 400 की जगह पर सिर्फ 40 अध्यापकों को भेजा गया है। ऐसे में व्यवस्था भला कैसे बनेगी। पहले से ही एक-एक शिक्षकों पर दो-दो कक्षाओं का अतिरिक्त कार्यभार है, अब तस्वीर और ज्यादा खराब हो जाएगी।

    राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ सरकार से जल्द नयी भर्ती करने की मांग करता है। जेबीटी अध्यापकों को गैर शैक्षणिक ड्यूटी न दी जाए। भविष्य में ऐसे कदम उठाए जाए कि जिले को बार-बार शिक्षक संकट का सामना ना करना पड़े। जल्दी नई भर्तियां होनी चाहिए। जिससे स्कूलों से अध्यापकों की कमी दूर हो सके।

    -विजय मुदगिल, प्रदेश उपाध्यक्ष, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।

    सरकार से मांग है कि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। पहले से ही सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, अप्रैल से ज्वाइनिंग के बाद व्यवस्था और ज्यादा बिगड़ जाएगी।इसी बीच बचे हुए अध्यापकों की गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगी है। इसका असर दाखिला पर भी पड़ेगा। अध्यापक नहीं होने पर स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटेगी।

    -चतर सिंह, जिला प्रधान, हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन।

    यह भी पढ़ें- रोजाना 40 लाख की वसूली, फिर भी सुविधा नहीं: फरीदाबाद में टोल रोड पर जर्जर सड़कें और गड्ढों से लोग परेशान