रोज 3 लाख का टोल, बदले में मिलता है अंधेरा... गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर 3 साल से खराब हैं स्ट्रीट लाइटें
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर एक किलोमीटर तक स्ट्रीट लाइटें तीन साल से खराब हैं, जिससे 50 हजार से अधिक वाहन चालक अंधेरे और हादसों के डर में यात्रा कर रहे ...और पढ़ें

गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर एक किलोमीटर तक स्ट्रीट लाइटें तीन साल से खराब हैं। इमेज एआई
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के बदले
निगम अधिकारियों की लापरवाही का अंधेरा मिल रहा है। करीब एक किलोमीटर में लगी खराब स्ट्रीट लाइटों को निगम तीन साल में दुरुस्त नहीं करवा पाया है। जिसकी वजह से चालकों की परेशानी बढ़ी है। प्रतिदिन गुरुग्राम फरीदाबाद रोड पर 50 हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं। वहीं टोल कंपनी प्रतिदिन तीन लाख रुपये की वसूली वाहन चालकों से करती है।
नगर निगम की ओर से 2023 में ट्रांसलेशन हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलाजी इंस्टीट्यूट स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थी। क्योंकि संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आना था। इसके लिए नए पोल लगाकर स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। ताकि उच्चाधिकारियों को किसी भी तरह की खामियां नहीं दिखाई दे।
कार्यक्रम के कुछ समय बाद ही स्ट्रीट लाइट खराब हो गई। इसके साथ ही कई पोल भी गिर गए। इसको लेकर तत्कालीन निगम आयुक्त ने जांच भी शुरू करवाई थी। लेकिन जांच को बीच में ही गोलमोल कर दिया। इसके साथ ही लाइटों को भी तीन साल में दुरुस्त नहीं करवाया जा सका।
अंधेरे की वजह से रहता हैं हादसे का डर
फरीदाबाद से गुरुग्राम प्रतिदिन सैकड़ो लोग नौकरी और अन्य काम के लिए जाते हैं। रात को इन्हीं लोगों को सड़क से अंधेरे में गुजरना पड़ता है। सड़क पर कई जगह गड्ढे भी हो गए है। ऐसे में वाहन चालकों को संतुलन बिगड़ने का भी खतरा बना रहता है।
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कई बार तो अंधेरे की वजह से वाहन चालक गिरकर घायल भी हो चुके हैं। इसके साथ ही वन्य जीवों के हमले का खतरा भी बना रहता है। क्योंकि रात के समय वन्य जीव सड़क पार करते हुए कई बार घायल हो चुके हैं।
मुझे अक्सर काम के सिलसिले में गुरुग्राम जाना होता है। प्रधानमंत्री के आगमन पर आनन फानन पर निगम की ओर से खराब गुणवत्ता वाली लाइट लगा दी गई। जिनको अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। अंधेरे की वजह से बड़ा संभलकर चलना पड़ता है।
मनीष त्यागीदो जिलों को जोड़ने वाली इस सड़क पर अंधेरा नहीं होना चाहिए। केवल एक किलोमीटर के भीतर लगी स्ट्रीट लाइट को निगम किस वजह से ठीक नहीं करवा पा रहा है। यह बिल्कुल समझ से परे है।
संजीवस्ट्रीट लाइटों को लेकर तत्कालीन आयुक्त द्वारा जांच शुरू करवाई गई थी। जांच पूरी होने के बाद लाइटों को दुरुस्त कराया जाना था। लेकिन जांच किस वजह से पूरी नहीं हो पाई। यह जानकारी नहीं है।
नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगममैने अभी इलेक्ट्रिकल शाखा का चार्ज संभाला है। लाइट खराब होने को लेकर मुझे जानकारी नहीं थी। इसको जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा।
अश्वनी गौड़, कार्यकारी अभियंता इलेक्ट्रिकल