सावधान! दिल्ली-NCR में लौटी 'कच्छा बनियान' गिरोह की दहशत, पुलिस ने जारी किए अलर्ट
एमपी के गुना से ताल्लुक रखने वाला कुख्यात कच्छा बनियान गिरोह दिल्ली-एनसीआर में फिर सक्रिय हो गया है।
-1778091234501_m.webp)
एमपी के गुना से ताल्लुक रखने वाला कुख्यात कच्छा बनियान गिरोह दिल्ली-एनसीआर में फिर सक्रिय हो गया है। इमेज एआई
HighLights
कच्छा बनियान गिरोह दिल्ली-एनसीआर में फिर सक्रिय हुआ।
पुलिस ने एनसीआर में बढ़ाई चौकसी, लोगों को किया सतर्क।
गुब्बारे बेचने वाले बनकर रेकी, रात में करते हैं वारदात।
सुधीर बैसला, बल्लभगढ़। शायद आपको यह हैरतअंगेज घटना याद होगी! एमपी के गुना से ताल्लुक रखने वाले पारदी गैंग (कच्छा बनियान) गिरोह ने आठ अगस्त 2016 को देश की सुरक्षा एजेंसियों को उस वक्त चुनौती दी थी, जब इन्होंने सेलम-एग्मोर एक्सप्रेस ट्रेन की पार्सल बोगी से रिजर्व बैंक चेन्नई भेजे जा रहे 342 करोड़ में से 5.78 करोड़ रुपये चुराए थे।
353 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर नौ सदस्यों ने चिन्नासेलम-वृद्धचलम रेलवे स्टेशन के बीच चलती ट्रेन में पार्सल बोगी की छत काटकर वारदात को अंजाम दिया था।
चिंता की बात ये है कि पारदी गैंग नए ट्रेंड सदस्यों के साथ दिल्ली व एनसीआर में फिर दस्तक दे चुका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार छह आरोपितों ने बताया है कि वे गुना से अकेले नहीं बल्कि 45 लोग अप्रैल में एक साथ निकले थे। सब दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम के भीड़भाड़ वाले इलाकों में छिपे हैं।
गैंग की मौजूदगी से अवगत कराने के निर्देश जारी
दिल्ली पुलिस की तरफ से टेलीग्राम ऐप के जरिये एनसीआर पुलिस को गैंग की आहट से अवगत कराया जा चुका है। डीसीपी बल्लभगढ़ प्रतीक अग्रवाल ने एसीपी, थाना व चौकी प्रभारियों को चौकन्ना रहने, लोगों को गैंग की मौजूदगी से अवगत कराने के निर्देश जारी किए है।
दरअसल, पारदी गैंग उर्फ कच्छा बनियान गिरोह के आतंक से फरीदाबाद, पलवल और नूंह अछूता नहीं रहा है। गैंग ने वर्ष 2009-2011 के बीच कई वारदात को अंजाम दिया था। दिसंबर 2017 में फरीदाबाद के मवई गांव की जस्सी कालोनी में तीन जगह लूट की थी। जुलाई 2017 में पुन्हाना के बीसरू रोड स्थित गाडिया लुहार बस्ती में लूट का विरोध करने वाली वृद्धा की बेरहमी से हत्या की थी। फिर गैंग अचानक गायब हो गया।
गुब्बारे व खिलौने बेचने वालों के रूप में करते हैं रेकी
ये गिरोह जिस इलाके में वारदात को अंजाम देता हैं, वहां गुब्बारे व खिलौने बेचने निकलते हैं। रेकी करके वारदात वाली जगह चुनते हैं। रात के दो बजे से 3.30 बजे के बीच वहां पहुंचते हैं। पूर्व रिकार्ड के अनुसार हर वारदात में इनकी संख्या तीन, छह, नौ, 12 होती है। ज्यादातर छह की संख्या में होते हैं।
तीन बाहर रहते हैं, तीन अंदर जाते हैं। जो घरों में घुसते हैं, वे शरीर पर ग्रीस व काला तेल लगाने के बाद कच्छा बनियान व जुर्राब पहन लेते हैं। वारदात में बाधा बनने या विरोध करने वाले शख्स का तुरंत कत्ल कर देते हैं।
पारदी गैंग के एनसीआर में होने का इनपुट हमारे पास है। ये लोग रहने का ठिकाना रेलवे स्टेशन, बस अड्डे या बड़े पार्काें के आसपास बनाते हैं। पुलिस पेट्रोलिंग टीम सभी जगहों पर नजर रखे हुए हैं।
अपराध शाखा प्रभारियों, एसीपी, एसएचओ, चौकी इंचार्ज समेत ग्र्रामीण इलाकों में ठीकरी पहरा देने वालों को मुस्तैद रहने को कहा है। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहे। संदिग्ध की सूचना पुलिस को देकर जिम्मेदार जागरूक नागरिक बनें।
- प्रतीक अग्रवाल, डीसीपी बल्लभगढ़
यह भी पढ़ें: दिल्ली में आधार सेंटर संचालक की सूझबूझ ने खोला राज, दुष्कर्म के बाद नाबालिग की उम्र बदलवाने पहुंचा आरोपित अरेस्ट
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।