न्यूनतम वेतन वृद्धि की अफवाह ने मचाया हंगामा, मानेसर से नोएडा तक फैक्टरियों में फैली हिंसा
हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद मानेसर से फैली अफवाह ने एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति पैदा कर दी। श्रमिकों को लगा क ...और पढ़ें

हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद मानेसर से फैली अफवाह ने एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति पैदा कर दी। जागरण
सुशील भाटिया, फरीदाबाद। न्यूनतम वेतन में प्रदेश सरकार द्वारा वृद्धि करने की घोषणा के बाद भी कारखाना प्रबंधकों द्वारा इसे लागू न करने की चिंगारी के रूप में जो अफवाह गुरुग्राम के मानेसर औद्योगिक क्षेत्र से पांच दिन पहले उठी और उसके साथ इंटरनेट मीडिया पर सूचनाएं प्रसारित होनी शुरू हुई, उस अफवाह ने एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक शहरों नोएडा, पलवल, फरीदाबाद व रेवाड़ी के साथ लगते राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र में आग भड़काने का काम किया।
दरअसल हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में आठ अप्रैल को अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन मौजूदा 11,257 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रतिमाह करने की सिफारिश की थी।इसके साथ ही अर्ध कुशल, कुशल व उच्च कुशल वर्ग के कामगारों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने के विशेषज्ञ समिति के प्रस्ताव को स्वीकृत करने का निर्णय लिया था।
इस तरह से अभी सिर्फ इसे मंत्रिमंडल से ही मंजूरी मिली थी, जबकि इसे मानेसर के कुछ श्रमिक नेताओं ने यह भ्रम फैला दिया कि सरकार की मंजूरी के बाद भी कारखाना प्रबंधकों ने नया वेतनमान लागू नहीं किया है।
नियमानुसार जब मंत्रिमंडल की बैठक में किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो अगले कुछ दिनों में सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी होती है और उसके बाद कोई भी फैसला विधिवत रूप से निजी क्षेत्र के सभी कारखानों में लागू होना होता है।
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बस इसी अफवाह व इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं ने पहले आइएमटी मानेसर औद्योगिक क्षेत्र को अशांत किया और पिछले सप्ताह तीन दिनों तक 15 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में हड़ताल रही। श्रमिकों एवं पुलिसकर्मियों में झड़प हुई। लाठीचार्ज में कई श्रमिक घायल हो गए।
यही अफवाहें फरीदाबाद, पलवल, नोएडा तक पहुंच गई और बहकावे में आए कई कामगारों ने सोमवार को नोएडा में कई औद्योगिक इकाईयों में वह सब कर दिया, जो नहीं होना चाहिए था।अब प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है कि एक अप्रैल से नया न्यूनतम वेतनमान लागू होगा। इसका अभिप्राय यह है कि मई माह में कामगारों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।