फरीदाबाद में वीएनएस थेरेपी से मिर्गी पीड़ित बच्ची को मिली नई जिंदगी, एक बच्चे का हुआ सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट
फरीदाबाद के एशियन इंस्टीट्यूट में मिर्गी से पीड़ित 12 वर्षीय किर्गिस्तानी बच्ची का वीएनएस थेरेपी से सफल इलाज हुआ। वहीं, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में विस्क ...और पढ़ें

किर्गिस्तान की 12 साल की बच्ची का एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में सफल इलाज किया गया।
HighLights
किर्गिस्तानी बच्ची को वीएनएस थेरेपी से मिर्गी से राहत मिली।
एशियन इंस्टीट्यूट में डॉ. मुकेश की टीम ने इलाज किया।
ईएसआईसी में बच्चे का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। किर्गिस्तान की 12 साल की बच्ची का एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में सफल इलाज किया गया। बच्ची को प्रतिदिन 10 से 12 बार मिर्गी के दौरे आते थे। जिससे उसकी जिंदगी काफी प्रभावित हो गई थी। ज्यादातर बच्ची को रात में दौरे आते थे। इसलिए परिवार को पूरी रात जागना पड़ता था।
बच्ची को इलाज के लिए एशियन अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां पर न्यूरोसर्जरी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डा. मुकेश की टीम ने बच्ची के लिए वीएनएस थेरेपी की योजना बनाई। इस थेरेपी के बाद बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ हो गई।
एनआइटी तीन स्थित ईएसआइसी मेडिकल कालेज में तीन साल के बच्चें का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया। बच्चा दुलर्भ बीमारी विस्काट आल्ड्रिच सिंड्रोम बीमारी से पीड़ित था। बच्चे का एलोजेनिक हेमाटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किया गया। जिसमें पूरी तरह से मैच करने वाले भाई बहन से स्टेम सेल्स लिए गए।
कंडीशनिंग प्रक्रिया के बाद इन स्टेम सेल्स को मरीज के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के दौरान ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मेडिकल कालेज के डीन डाक्टर चवन कालीदास ने सभी ट्रांसप्लांट में शामिल सभी डाक्टरों को बधाई दी।