फतेहाबाद में फूटा किसानों का गुस्सा, प्रीमियम लेने के बाद भी बीमा कंपनियों ने दिया नाममात्र क्लेम; सरकारी रिकॉर्ड पर उठे सवाल
फतेहाबाद, भूना और भट्टू कलां के किसानों ने बकाया बीमा क्लेम और जलभराव से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें
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प्रीमियम लेने के बाद भी बीमा कंपनियों ने दिया नाममात्र क्लेम (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। फसलों के बकाया बीमा क्लेम और जलभराव से हुए नुकसान के उचित मुआवजे की मांग को लेकर गुरुवार को फतेहाबाद, भूना और भट्टू कलां क्षेत्र के किसानों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और सरकार व बीमा कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता राजेंद्र प्रसाद बाटू ने की, जबकि संचालन सुभाष चंद्र भादू ने किया।
प्रदर्शन के बाद किसानों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर बकाया बीमा क्लेम और जलभराव का मुआवजा तुरंत जारी करने की मांग की। डीसी ने किसानों को मामले के समाधान का आश्वासन दिया।
किसानों को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियों ने फतेहाबाद, भूना और भट्टू कलां क्षेत्र के करीब 25 गांवों के किसानों से करोड़ों रुपये प्रीमियम के रूप में वसूले, लेकिन जब मुआवजा देने की बारी आई तो किसानों को नाममात्र का क्लेम देकर छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में जलभराव से किसानों की फसलें पूरी तरह तबाह हो गई थीं, लेकिन सरकारी रिकार्ड में अधिकांश क्षेत्रों का खराबा महज 0 से 25 प्रतिशत दिखाकर किसानों को राहत से वंचित कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में महीनों तक खेतों में पानी भरा रहा, जिससे फसलें सड़ गईं और नुकसान 80 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके बावजूद प्रशासनिक रिपोर्टों में वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया गया।
किसानों ने बताया कि भूथन, कुम्हारिया, बड़ोपल, धांगड़, चिन्दड़, खाराखेड़ी, भोड़ा, ढाण्ड, किरढान, शेखुपुर दड़ोली, खाबड़ा कलां, ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, जाण्डवाला, दैयड़, ठुईयां, पीलीमंदोरी, मेहूवाला और बनगांव सहित अनेक गांव जलभराव से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
किसानों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान सभा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वास्तविक खराबा रिपोर्ट तैयार कर किसानों का बकाया बीमा क्लेम और मुआवजा जारी नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर रामस्वरूप ढाणी गोपाल, मा. हनुमान सिंह, पवन भूथन, रघुबीर सिंह, अजय सिंह, मदन माचरा, महावीर प्रसाद, विनोद, सुंदर सिंह, प्रताप सिंह, रोहताश और अन्य किसान मौजूद रहे।