यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Fatehabad News: 43 दिनों से हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, बोले- 'भाजपा का दलित प्रेम ढकोसला'
मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पिछले 43 दिन से आंदोलन क ...और पढ़ें

HighLights
- सफाई कर्मचारियों का शोषण करने पर उतारू है सरकार :सीटू
- पिछले 43 दिन से आंदोलन कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों
- मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर उपायुक्त को सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। पिछले 43 दिन से आंदोलन कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सीएम से वार्ता के माध्यम से मसलों का समाधान करने की मांग की है। प्रदर्शन से पहले ग्रामीण सफाई कर्मियों की यूनियन के जिला प्रधान बलवीर सिंह की अध्यक्षता में सभा हुई, जिसका संचालन जिला सचिव बेगराज ने किया।
बलवीर सिंह ने किया संबोधित
प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों को सम्बोधित करते हुए जिला वरिष्ठ उप प्रधान सुनील कुमार, ओमप्रकाश, मोहन सिंह, गुरदास, हरपाल टोहाना, दर्शन सिंह, जगदीश, पवन कुमार, सीटू नेता ओम प्रकाश अनेजा, दलबीर आजाद खेत मजदूर यूनियन, धर्मपाल जांडली भवन निर्माण, नगर पालिका कर्मचारी संघ से रमेश तुषामड़, ओमप्रकाश लोट, विजय, नरेश, वीरू, राजाराम, सतपाल, इन्द्र सिंह, नौजवान सभा राज्य प्रधान शाहनवाज इत्यादि नेताओं ने भी संबोधित किया।
कर्मचारी नेताओं ने ये कहा
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी बेहद कम मानदेय पर काम करते हुए पिछले 17 साल के शोषण और बेगार की मार झेल रहे हैं। ये कर्मचारी जब अपने हकों और मांगों को लेकर संघर्ष रहे हैं तो सरकार आंदोलकारियों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार करते हुए आंदोलनकारियों से वार्ता ना करके कर्मचारियों की आवाज को ही दबाना चाहती है।
दलित हैं सभी सफाई कर्मी
उन्होंने कहा कि सफाई का काम करने वाले 100 प्रतिशत दलित समुदाय से आने वाला तबका है। इन दलित सफाई कर्मियों की भावनाओं के साथ खेलते हुए 2014 और 2019 में भाजपा ने वोट तो ले लिया लेकिन पक्का करने का वायदा आज तक पूरा नहीं किया और ना ही समान वेतन देने की गारंटी को लागू किया।
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सफाई कर्मीयों ने कोरोना काल में की समाज सेवा
यूनियन नेताओं ने कहा कि कोरोना काल में जब कोई भी घर से बाहर निकलने को तैयार नहीं था तब भी सफाई कर्मियों ने अपनी जीवन की परवाह किये बिना समाज की सेवा की और कोरोना से मौत होने वालों का अंतिम संस्कार तक किया।
उस समय सरकार ने कोरोना योद्धा बताकर फूल बरसाए और आज इनके साथ वार्ता करने में भी अपनी तौहिन समझती है। सरकार को ना गांव वालों की चिंता है, न ही सफाई कर्मियों की। सरकार के उपेक्षापूर्ण रुख को देखते हुए अब ये राज्यव्यापी हड़ताल को 1 दिसम्बर तक जारी रहेगी और हजारों सफाई कर्मचारी 28-29 नवम्बर को पंचकूला में महापड़ाव डालते हुए आंदोलन को तेज करेंगे।