मौत को मात देकर बने वर्ल्ड चैंपियन! 2 किडनियां खराब, फिर भी जीते 4 गोल्ड; रुला देगी हरियाणा के इस लाल की कहानी
फतेहाबाद के सतबीर सिंह गिजरोइया ने किडनी ट्रांसप्लांट के बाद खेलों में देश के लिए कई पदक जीते हैं। उनकी कहानी अंगदान के महत्व और जीवन में दूसरा मौका म ...और पढ़ें
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किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सतबीर सिंह ने देश को दिलाए स्वर्ण पदक।
HighLights
सतबीर सिंह ने किडनी ट्रांसप्लांट के बाद खेलों में शानदार वापसी की।
उन्होंने राष्ट्रीय और विश्व ट्रांसप्लांट गेम्स में स्वर्ण पदक जीते।
उनकी कहानी अंगदान का महत्व और जीवन में दूसरा मौका दर्शाती है।
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। कहते हैं कि जब हौसले बुलंद हों तो मुश्किलें भी मंजिल का रास्ता बन जाती हैं। फतेहाबाद जिले के गांव सिरढ़ान निवासी सतबीर सिंह गिजरोइया ने इस कहावत को सच कर दिखाया है।
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उन्होंने न केवल सामान्य जीवन में वापसी की, बल्कि खेलों में ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज देश के लिए पदक जीत रहे हैं। उनकी प्रेरक कहानी अंगदान के महत्व को भी नई पहचान देती है।
वर्ष 2018 में सतबीर सिंह की दोनों किडनियों में गंभीर समस्या आ गई। ऐसे कठिन समय में उनके पिता ने अपनी एक किडनी दान कर बेटे को नया जीवन दिया। सफल ट्रांसप्लांट के बाद सतबीर ने हार मानने के बजाय खुद को खेलों के लिए तैयार किया।
उन्होंने ट्रांसप्लांट एथलीट के रूप में अभ्यास शुरू किया और देखते ही देखते राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना ली। आज वह उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो गंभीर बीमारी के बाद जीवन से उम्मीद छोड़ देते हैं।
देश के लिए लगातार जीत रहे पदक
सतबीर सिंह ने वर्ष 2023 और 2024 में मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय ट्रांसप्लांट गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके अलावा बैंकाक (थाईलैंड) में आयोजित विश्व ट्रांसप्लांट चैंपियनशिप में स्वर्ण और कांस्य पदक अपने नाम किए।
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जर्मनी में आयोजित विश्व ट्रांसप्लांट गेम्स में भी उन्होंने एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। वर्तमान में वह पांडुचेरी में आयोजित पहली राष्ट्रीय पेंटाक चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच चुके हैं और हरियाणा के लिए स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरे हैं।
अंगदान को बताया सबसे बड़ा जीवनदान
सतबीर सिंह ने लोगों से मृत्यु के बाद अंगदान का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंगदान महादान है। एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। उनका कहना है कि अंग प्रत्यारोपण के बाद भी व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ, सक्रिय और सफल जीवन जी सकता है।
सतबीर की संघर्ष और सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि यदि परिवार का साथ और आत्मविश्वास बना रहे तो जिंदगी का दूसरा मौका भी नई उपलब्धियों का आधार बन सकता है।