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गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में अवैध निर्माण पर सख्ती, 1319 नोटिस और 662 रेस्टोरेशन आदेश जारी

Updated: Thu, 27 Aug 2026 12:54 PM (IST)

गुरुग्राम में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अवैध निर्माण और भूमि के गलत इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर ...और पढ़ें

लाइसेंस काॅलोनी के रिहायशी मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां। जागरण

लाइसेंस काॅलोनी के रिहायशी मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां। जागरण

HighLights

  1. अवैध निर्माण पर 1319 कारण बताओ नोटिस जारी।

  2. 662 संपत्तियों के लिए रेस्टोरेशन आदेश दिए गए।

  3. साउथ सिटी, सुशांत लोक में सर्वाधिक नोटिस।

गौरव सिंगला, नया गुरुग्राम। शहर की लाइसेंस प्राप्त कालोनियों में अवैध निर्माण और जमीन के गलत इस्तेमाल के विरुद्ध टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने अब तक 1319 कारण बताओ नोटिस और 662 रेस्टोरेशन आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में अवैध निर्माण हटाने और संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई भी जारी है।

एन्फोर्समेंट कार्यालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, कार्रवाई अब केवल डीएलएफ की कॉलोनियों तक सीमित नहीं है। सुशांत लोक, साउथ सिटी, आरडी सिटी, ग्रीनवुड सिटी, वाटिका, द वेस्टरलीज और विपुल वर्ल्ड जैसी प्रमुख कॉलोनियां भी विभाग की जांच के दायरे में हैं।

साउथ सिटी में सबसे ज्यादा नोटिस

सबसे अधिक 538 कारण बताओ नोटिस साउथ सिटी में जारी किए गए हैं। इनमें 230 मामले व्यावसायिक और आवासीय नियमों के उल्लंघन से जुड़े हैं, जबकि 308 मामले आवासीय उल्लंघनों के हैं। इसके बाद सुशांत लोक में 283 नोटिस जारी किए गए हैं। सुशांत लोक-1 में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े 100 अलग नोटिस भी दिए गए हैं।

अन्य काॅलोनियों में विपुल वर्ल्ड में 145, ग्रीनवुड सिटी में 99 और आरडी सिटी में 86 नोटिस जारी किए गए हैं। आरडी सिटी के 86 मामलों में 15 व्यावसायिक और 71 आवासीय उल्लंघन हैं। ग्रीनवुड सिटी में 17 व्यावसायिक और 82 आवासीय मामलों में नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा वाटिका में 44 और द वेस्टरलीज में 24 नोटिस जारी हुए हैं।

662 संपत्तियों को रेस्टोरेशन के आदेश

विभाग ने 662 रेस्टोरेशन आदेश भी जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत संपत्ति मालिकों को अवैध बदलाव हटाकर भवन को स्वीकृत नक्शे और तय नियमों के अनुसार मूल स्थिति में लाने के लिए कहा गया है। इनमें सुशांत लोक-1 में 250 और डीएलएफ फेज-3 में 248 रेस्टोरेशन आदेश शामिल हैं। डीएलएफ फेज-4 में 126 और डीएलएफ फेज-2 में 38 आदेश जारी किए गए हैं।

स्टिल्ट पार्किंग और सेटबैक पर भी नजर

विभाग की कार्रवाई में अवैध निर्माण, स्टिल्ट पार्किंग में कमरे या अन्य निर्माण, सेटबैक और सड़क की जमीन पर कब्जा तथा रिहायशी मकानों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने जैसे मामले शामिल हैं।

कई जगहों पर स्टिल्ट पार्किंग और सेटबैक में बनाए गए अवैध कमरों व अन्य ढांचों को हटाया गया है। नियमों के विरुद्ध चल रही व्यावसायिक गतिविधियों वाले परिसरों को सील भी किया गया है। विभाग की नजर उन रिहायशी संपत्तियों पर भी है, जिनका इस्तेमाल कार्यालय, दुकान, चिकित्सालय, अतिथि गृह या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

"जहां भी नियमों का उल्लंघन मिला है, वहां कारण बताओ नोटिस और रेस्टोरेशन आदेश जारी किए गए हैं। संपत्ति मालिकों को स्वीकृत नक्शे के अनुसार सुधार करने का मौका दिया जा रहा है। निर्धारित समय में उल्लंघन दूर नहीं किए जाने पर नियमों के अनुसार संपत्ति सील करने और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।"

-अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग।

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