दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने अवैध ढाबों पर चलेगा बुलडोजर, NHAI और नूंह प्रशासन करेगी कार्रवाई
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप से संचालित ढाबों पर NHAI और नूंह जिला प्रशासन संयुक्त रूप से बुलडोजर चलाएगा। ये ढाबे सड़क हादसों का मुख्य ...और पढ़ें
-1773673786180_m.webp)
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने ढाबों पर चलेगा बुलडोजर। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आदित्य राज, गुरुग्राम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप संचालित ढाबों पर अब एनएचएआई एवं नूंह जिला प्रशासन संयुक्त रूप से बुलडोजर चलाएगा। बुलडोजर सहित तोड़फोड़ की कार्रवाई से संबंधित उपकरण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) उपलब्ध कराएगा, जबकि प्रशासन की ओर से पुलिस बल का सहयोग मिलेगा।
तोड़फोड़ करने के बाद आगे फिर ढाबे न बनें, इसके लिए महीने में कम से कम चार बार इलाके के एसडीएम राउंड लगाएंगे। एनएचएआइ की टीम भी समय-समय पर राउंड लगाएगी। जैसे ही एनएचएआई को कहीं ढाबा बनाने की जानकारी मिलेगी, नूंह जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे सोहना के नजदीक गांव अलीपुर से शुरू है। राजस्थान के कोटा में बनाई गई टनल से पहले का हिस्सा 100 प्रतिशत चालू हो चुका है। अलीपुर से लेकर कोटा तक के भाग पर कई बार हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में कई लाेगों की जान जा चुकी है।
सबसे अधिक हादसे नूंह जिले के अंतर्गत आने वाले एक्सप्रेसवे के भाग पर होते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण एक्सप्रेसवे के किनारे वाहनों का खड़ा होना है। चालक खाना खाने के लिए या फिर आराम करने के लिए वाहनों को एक्सप्रेसवे के किनारे खड़ा कर ढाबों में जाते हैं। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार इतनी अधिक रहती है कि जब तक चालक संभलता है तब तक हादसा हो जाता है। सर्दी के मौसम में कोहरे के दौरान हर पल हादसा होने की आशंका रहती है।
खबरें और भी
ढाबों में अवैध रूप से बिजली का भी उपयोग
एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप से 40 से अधिक ढाबे संचालित हैं। उनमें अवैध रूप से बिजली का भी उपयोग किया जाता है। कई बार एनएचएआइ ने अपने स्तर पर ढाबों को गिराया लेकिन समस्या का समाधान नहीं। रातों रात कच्चा ढाबा लोग बना लेते हैं। इसे देखते हुए अब एनएचएआइ एवं नूंह जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की योजना बनाई है।
दोनों मिलकर न केवल ढाबों पर नजर रखेंगे बल्कि कार्रवाई भी संयुक्त रूप से की जाएगी। तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद फिर ढाबे न बनें, इसके ऊपर इलाके के एसडीएम भी नजर रखेंगे। वे महीने में चार बार बारीकी से एक्सप्रेसवे के किनारे पड़ताल करेंगे। जहां कहीं भी ढाबा दिखाई देगा, उसे तत्काल प्रभाव से जमींदोज कर दिया जाएगा।
अवैध रूप से संचालित ढाबों के कारण ही अधिकतर हादसे हो रहे हैं। ढाबों की वजह से ही चालक वाहन एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े करते हैं। नूंह जिला प्रशासन ने हर स्तर पर सहयोग करने का आश्वासन दिया है। रातों रात लोग ढाबा बना लेते हैं।
बिजली निगम के अधिकारियों से बात की गई है ताकि वे भी ढाबों में अवैध रूप से उपयोग की जा रही बिजली पर नजर रखें। जब बिजली ही नहीं होगी, फिर ढाबों का संचालन करना संभव ही नहीं होगा। इस तरह सामूहिक रूप से प्रयास करने पर ही अवैध रूप से संचालित ढाबों के ऊपर लगाम लगेगी। - पीके कौशिक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े वाहनों की वजह से हुए कुछ हादसे
- 15 फरवरी 2023 : गांव लोहटकी के पास एक ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मार दी थी।
- 3 अक्टूबर 2025 : नगीना इलाके में मरोड़ा के नजदीक खड़े वाहन में टक्कर से ट्रक चालक की मौत
- 18 अक्टूबर 2025 : फिरोजपुर झिरका इलाके में खड़े वाहन से कार टकरा गई थी, जिसमें एक की माैत हो गई थी
- 29 सितंबर 2025 : नगीना इलाके में बसई गांव के नजदीक खड़े ट्रक में कार के टकराने से दो की मौत हो गई थी
- 15 जुलाई 2025 : फिरोजपुर झिरका इलाके में गुर्जर नंगला गांव के नजदीक खड़े वाहन में कार की टक्कर से एक महिला की मौत
- 20 अगस्त 2025 : नगीना इलाके में खेड़ली कला गांव के नजदीक खड़े डंपर में स्कार्पियो के घुसने से एक की मौत हो गई थी
यह भी पढ़ें- Delhi-Dehradun Highway पर ड्राईवर को झपकी लगते ही खेत में पलटी डबल डेकर बस, यात्रियों में मची चीख-पुकार