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    500 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी में ED का गुरुग्राम में छापा, 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप पर कार्रवाई

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 10:25 PM (IST)

    ईडी ने गुरुग्राम के 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप पर ₹500 करोड़ की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में सोमवार को छापेमारी की। धन शोधन अधिनियम के तहत सात ठिकान ...और पढ़ें

    ईडी ने गुरुग्राम के 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप पर ₹500 करोड़ की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में सोमवार को छापेमारी की।

    ईडी ने गुरुग्राम के 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप पर ₹500 करोड़ की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में सोमवार को छापेमारी की।

    HighLights

    1. 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप पर ईडी की छापेमारी।

    2. ₹500 करोड़ की कथित निवेश धोखाधड़ी का मामला।

    3. सात ठिकानों पर कार्रवाई, अहम दस्तावेज व साक्ष्य मिले।

    संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। करीब 500 करोड़ रुपये की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को गुरुग्राम के एक 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप के विरुद्ध छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है। यह कार्रवाई धन शोधन अधिनियम के तहत की गयी हैं।

    अधिकारियों के अनुसार 32 एवेन्यू और उससे जुड़े समूह के सात ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। यह ग्रुप दिल्ली-एनसीआर और गोवा में रियल एस्टेट व कमर्शियल प्रोजेक्ट्स संचालित करता रहा है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं।

    ईडी की माने तो यह पूरा मामला हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआइआर से जुड़ा है, जिनमें निवेशकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें ऊंचे रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया, लेकिन बाद में न तो तय रिटर्न मिला और न ही प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हुए।

    बता दें कि इस मामले में जांच एजेंसियां पहले से ही सक्रिय रही हैं। गुरुग्राम में पूर्व में दर्ज मामलों के आधार पर पुलिस ने 32 एवेन्यू से जुड़े निदेशक ध्रुव शर्मा को गिरफ्तार भी किया था। गिरफ्तारी के दौरान सामने आया था कि निवेशकों से जुटाई गई बड़ी रकम का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया।

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    जांच में यह भी सामने आया था कि कई निवेशकों को प्रॉपर्टी यूनिट, लीज रेंटल या फिक्स्ड रिटर्न का आश्वासन दिया गया था। लेकिन बाद में भुगतान में देरी, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन और प्रोजेक्ट्स के अधूरे रहने जैसी शिकायतें लगातार बढ़ती गईं।

    फंड डायवर्जन और मनी ट्रेल पर फोकस

    प्रारंभिक जांच में एजेंसियों को संदेह है कि निवेशकों से जुटाए गए धन को अलग-अलग कंपनियों और खातों में ट्रांसफर कर डायवर्ट किया गया। कुछ रकम का इस्तेमाल निजी खर्च और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किए जाने की भी आशंका है। यही नहीं बिल्डर ने इस पैसे से गोवा और नीमराना में जमीन खरीदी।

    ईडी अब बैंक खातों, शेल कंपनियों और संपत्तियों की जांच कर रही है ताकि पूरे मनी ट्रेल का पता लगाया जा सके। एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इस मामले में और लोग या कंपनियां शामिल हैं।

    आगे की कार्रवाई

    ईडी अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित संपत्तियों को अटैच (जब्त) करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

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