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    गुरुग्राम एनकाउंटर: लग्जरी लाइफ का लालच, फिर अपराध का दलदल... ऐसे गैंग्सटरों के जाल में फंस रहे गरीब युवा

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 01:55 AM (IST)

    विदेश में बैठे गैंगस्टर आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को लालच देकर अपराध में धकेल रहे हैं, उन्हें मोहरा बनाकर अपनी कमाई कर रहे हैं। सुशांत लोक मुठभेड़ मे ...और पढ़ें

    भालौठ गांव की तंग गलियों में अंकित का घर। जागरण

    भालौठ गांव की तंग गलियों में अंकित का घर। जागरण

    HighLights

    1. विदेश में बैठे गैंगस्टर गरीब युवाओं को कर रहे गुमराह।

    2. आर्थिक रूप से कमजोर युवा बन रहे अपराध का शिकार।

    3. दीपक नांदल जैसे गैंगस्टरों की लग्जरी लाइफ से प्रभावित युवा।

    विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। विदेश में महंगी कोठियों में बैठकर ऐश करने वाले गैंग्सटर यहां गरीब नौजवानों की जिंदगियों को दांव पर लगा रहे हैं। कम समय में अमीर बनने का सपना बेचकर उन्हें गैंग का मोहरा बनाया जा रहा है। मरते ये लड़के हैं, कमाई और हुकूमत विदेश में बैठे आका कर रहे हैं।

    गैंग्सटरों के निशाने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के युवा हैं। उन्हें कम से कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर एक बार अपराध में शामिल करा देते हैं। उन्हें बाइक से लेकर थार, स्कार्पियो व अन्य तरह की गाड़ियां तक दी जाती हैं। इससे दूसरे युवा भी प्रभावित होते हैं।

    ब्लैकमेल का शिकार होने लगते हैं युवा

    एक बार किसी अपराध में नाम आने के बाद युवा पुलिस के निशाने पर होते हैं, इस वजह से वे आगे अपराध के दलदल में फंसते चले जाते हैं। जो युवा बाहर आना चाहते हैं उन्हें गैंग्सटर भी ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं।

    इस समय अपराध की दुनिया में सुर्खियो में आ रहा दीपक नांदल रोहतक के बोहर गांव का है। इधर एक साल में उसने 12 से ज्यादा वारदातें कराईं। इन हमलों में जिन गुर्गों का इस्तेमाल उसने किया, वह सभी रोहतक, झज्जर, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, पानीपत व आसपास जिलों के रहने वाले थे।

    खबरें और भी

    इसमें यह भी देखने में सामने आया कि जो भी युवा इसके गिरोह में आए, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति निम्न वर्ग की थी।

    सुशांत लोक में गुरुवार रात हुई मुठभेड़ में भी जो दो शूटर अंकित और नितिन मारे गए, वह भी श्रमिक परिवार से आते हैं। यह दोनों दीपक नांदल के पड़ोसी गांव भालौठ के रहने वाले थे।

    नांदल की लग्जरी लाइफ से हुए प्रभावित

    इंटरनेट मीडिया पर नांदल की लग्जरी लाइफ देखकर ये उससे आकर्षित हुए और इंटरनेट मीडिया के जरिए ही ये उसके गिरोह में शामिल हो गए। श्रमिक परिवार के युवा विदेश में बैठे गैंग्सटरों के चंगुल में आ रहे हैं, इसके कई उदाहरण पहले भी सामने आते रहे हैं।

    2024 में सेक्टर 29 स्थित एक क्लब पर बम से हमला किया गया था। इसमें भी जो आरोपित पकड़े गए थे, वह भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आए थे। बीते एक साल में गिरोह से जुड़े पकड़े गए सौ में से 90 अपराधियों के परिवार की आर्थिक स्थिति भी इसी प्रकार की थी।

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