खेड़कीदौला टोल के पास हाईवे सर्विस लेन पर गड्ढे बने मुसीबत, स्थायी समाधान की मांग
खेड़कीदौला टोल के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन पर 50-100 मीटर का हिस्सा गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। बार-बा ...और पढ़ें

खेड़कीदौला टोल के पास गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है।
HighLights
खेड़कीदौला टोल के पास हाईवे सर्विस लेन पर गहरे गड्ढे।
बारिश में गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब।
स्थायी समाधान के लिए कंक्रीट सड़क बनाने की मांग।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। खेड़कीदौला टोल प्लाजा पार करते ही हयात होटल के समीप दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन का करीब 50 से 100 मीटर का हिस्सा वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस छोटे से हिस्से में सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं।
रोजाना कई वाहन इन गड्ढों में फंस रहे हैं। वर्षा होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता।
सर्विस लेन पर लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग जाती हैं
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सर्विस लेन पर पीक ट्रैफिक के समय समस्या और बढ़ जाती है। सड़क के गड्ढों और खराब स्थिति के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है और इसके चलते सर्विस लेन पर लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग जाती हैं। कई बार वाहन गड्ढों में फंसने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लगातार संबंधित विभाग के सामने उठाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थायी मरम्मत के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि पिछले करीब एक साल में इस छोटे से हिस्से की सड़क को पांच से छह बार तक बनाया जा चुका है, लेकिन हर बार वर्षा होने के बाद सड़क दोबारा टूट जाती है।
वाहन चालकों को परेशानी से राहत मिल सके
लोगों का आरोप है कि जहां बार-बार जलभराव होता है और सड़क लगातार टूट रही है, वहां बार-बार सामान्य सड़क बनाकर समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। ऐसे स्थानों पर कंक्रीट की मजबूत सड़क बनाई जानी चाहिए, ताकि सड़क बार-बार न टूटे और वाहन चालकों को परेशानी से राहत मिल सके।
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मालिबू टाउन निवासी मनोज त्यागी का कहना है कि टोल पार करते ही हयात होटल के पास करीब 50 से 100 मीटर का हिस्सा बेहद खराब है। गड्ढे इतने गहरे हैं कि रोज वाहन फंस रहे हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
वाटिका सिटी निवासी प्रवीण शर्मा का कहना है कि वर्षा होते ही गड्ढों में पानी भर जाता है और वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता कि गड्ढा कितना गहरा है। पीक टाइम में यहां ट्रैफिक की लंबी लाइन लग जाती है। बार-बार सड़क बनाने के बजाय कंक्रीट की सड़क बनानी चाहिए।
साउथ सिटी निवासी विवेक त्यागी का कहना है कि पिछले एक साल में इस सड़क को कई बार बनाया जा चुका है, लेकिन एक वर्षा के बाद फिर वही स्थिति हो जाती है। विभाग को यह देखना चाहिए कि सड़क बार-बार क्यों टूट रही है और स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा।
वर्षा के दौरान जलभराव के कारण परेशानी कई गुना बढ़ जाती है
महेश पूनिया का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों को गड्ढों से बचकर निकलना पड़ता है, जिससे यातायात की गति प्रभावित होती है। सेक्टर-71 निवासी दीपशिखा का कहना है कि वर्षा के दौरान जलभराव के कारण परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
साउथ सिटी-2 निवासी राकेश यादव का कहना है कि यह हाईवे की महत्वपूर्ण सर्विस लेन है और रोज बड़ी संख्या में वाहन इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े इस छोटे से हिस्से की खराब हालत का असर पूरे ट्रैफिक पर पड़ रहा है।
ऐसे में विभाग को केवल गड्ढे भरने की औपचारिकता करने के बजाय समस्या की मूल वजह दूर कर स्थायी सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर काम करना चाहिए। इस बारे में एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेश तिलक से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।