रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत होगी दूर, गुरुग्राम में पीएनजी कनेक्शन में तेजी
गुरुग्राम नगर निगम ने रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत दूर करने के लिए पीएनजी कंपनियों को सर्वे व कागजी औपचारिकताओं से छूट दी है। ...और पढ़ें

गुरुग्राम नगर निगम ने रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत दूर करने के लिए पीएनजी कंपनियों को सर्वे व कागजी औपचारिकताओं से छूट दी है। फाइल फोटो
HighLights
गुरुग्राम निगम ने पीएनजी कंपनियों को औपचारिकताओं में छूट दी।
45 किमी से अधिक गैस पाइपलाइन बिछाने की अनुमति मिली।
हजारों घरों तक सीधे पाइप से रसोई गैस पहुंचेगी।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यालय के निर्देशों के बाद गुरुग्राम नगर निगम ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को सर्वे और अन्य कागजी औपचारिकताओं से छूट दे दी है।
इस फैसले के बाद निगम ने तेजी दिखाते हुए कई आवेदनों पर 24 घंटे के भीतर ही लेटर आफ इंटेंट (एलओआइ) जारी कर दिए हैं, जिससे परियोजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है।
नगर निगम द्वारा विभिन्न निजी और सरकारी गैस वितरण कंपनियों को करीब 45 किलोमीटर से अधिक लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने की अनुमति प्रदान की गई है। एलओआइ जारी होने के साथ ही अब संबंधित एजेंसियां चिह्नित क्षेत्रों में जल्द ही खोदाई और पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू करेंगी।
योजना के तहत कार्य पूरा होते ही शहर के हजारों घरों तक सीधे पाइप के माध्यम से रसोई गैस पहुंचने लगेगी, जिससे सिलिंडरों पर निर्भरता कम होगी।
योजना के पहले चरण में एक एजेंसी को हंस एंकलेव और सेक्टर-33 के आसपास लगभग दस किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा शहर के अन्य कई रिहायशी इलाकों में भी पीएनजी नेटवर्क विस्तार की मंजूरी दी गई है।
निगम का दावा है कि जिन क्षेत्रों में कार्य शुरू होगा, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दिए जाएंगे।
औपचारिकताओं में छूट से बढ़ी रफ्तार
नगर निगम के एक्सईएन संदीप सिहाग के अनुसार, मुख्यालय के निर्देशों के तहत सर्वे, नक्शे और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में छूट दी गई है, ताकि कार्य में देरी न हो। उन्होंने बताया कि एजेंसियों को आवश्यक स्वीकृतियां तेजी से दी जा रही हैं और आने वाले समय में शहर के अधिकतम हिस्से को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।