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    गुरुग्राम में SIR वेरिफिकेशन शुरू, 1987 से पहले और 2004 के बाद जन्मे लोगों को देने होंगे अलग-अलग डॉक्युमेंट

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 12:05 PM (IST)

    गुरुग्राम में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जिस पर 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। अ ...और पढ़ें

    SIR को लेकर गुरुग्राम में वेरिफिकेशन शुरू। फोटो: आर्काइव

    SIR को लेकर गुरुग्राम में वेरिफिकेशन शुरू। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. प्रारूप मतदाता सूची 31 जुलाई को होगी प्रकाशित

    2. दावे एवं आपत्तियां 30 अगस्त तक दर्ज होंगी

    3. अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को जारी होगी

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची के दावे एवं आपत्तियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को गुड़गांव, सोहना, पटौदी एवं बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    लघु सचिवालय स्थित कान्फ्रेंस हाल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को SIR के आगामी चरण, दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया, नोटिस जारी करने, दस्तावेजों के सत्यापन तथा मतदाता सूची के अद्यतन से संबंधित सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

    31 जुलाई को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

    प्रशिक्षण के दौरान पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रह किया गया।

    अब आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

    जिसके दौरान पात्र नागरिक नए मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराने, मतदाता सूची में संशोधन करवाने अथवा हटवाने (यदि कहीं और शिफ्ट हो गए है) के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आनलाइन एवं आफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे।

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    नोटिस अवधि के बाद तीन अक्टूबर को आएगी अंतिम सूची

    गुड़गांव के एसडीएम संजीव सिंगला ने कहा कि 31 जुलाई से 28 सितंबर तक नोटिस अवधि रहेगी। इस दौरान प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के साथ-साथ आवश्यक मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे तथा सभी प्रकरणों का नियमानुसार डिजिटल माध्यम से परीक्षण एवं निस्तारण निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) द्वारा किया जाएगा।

    प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अंतिम मतदाता सूची त्रुटिरहित एवं नवीनतम हो सके। इसके उपरांत तीन अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

    आयु वर्ग के अनुसार दस्तावेजों का होगा सत्यापन

    चुनाव तहसीलदार राजेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रशिक्षण में अधिकारियों को विभिन्न आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए निर्धारित दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

    उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार एक जुलाई 1987 से एक दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं एवं अपने माता-पिता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जबकि दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं, माता एवं पिता से संबंधित निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है, जबकि आयु एवं निवास संबंधी प्रमाण आयोग द्वारा निर्धारित अन्य दस्तावेजों के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे। अधिकारियों से कहा गया कि सभी दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करते हुए आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।

    बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका भी अहम

    चुनाव तहसीलदार ने बताया कि दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान बीएलओ अपने-अपने मतदान क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहेंगे। विशेष अभियान के अंतर्गत अगस्त माह में निर्धारित विशेष तिथियों पर बीएलओ मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर नागरिकों से आवेदन प्राप्त करेंगे तथा आवश्यक जांच करेंगे।

    बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करेंगे।

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