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    दिल्ली रेस्टोरेंट अग्निकांड में उजड़ गया गुरुग्राम का परिवार, CA समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 04:10 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली के हौजरानी क्षेत्र में एक रेस्तरां-सह-गेस्ट हाउस में भीषण आग लगने से गुरुग्राम का एक परिवार पूरी तरह उजड़ गया। चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल ...और पढ़ें

    गुरुग्राम के परिवार के आठ लोगों की दिल्ली हादसे में हुई मौत। जागरण

    गुरुग्राम के परिवार के आठ लोगों की दिल्ली हादसे में हुई मौत। जागरण

    HighLights

    1. दिल्ली अग्निकांड में गुरुग्राम का परिवार उजड़ा।

    2. CA विवेक अग्रवाल समेत 8 लोगों की मौत।

    3. मैक्स अस्पताल में भर्ती पिता से मिलने आए थे।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। साकेत के पास हौजरानी क्षेत्र में रेस्‍त्रां कम गेस्‍ट हाउस की अवैध इमारत में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड में गुरुग्राम का एक परिवार भी पूरी तरह से उजड़ गया। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल अपनी मां, पत्नी, दो बेटियों, मौसा-मौसी और मामा के साथ मैक्स अस्पताल में भर्ती पिता को देखने के लिए पहुंचे थे। आग लगने पर बिल्डिंग में फंसने से आठों लोगों की मौत हो गई।

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    सेक्टर 46 के मकान नंबर 3169 में रहने वाले 45 वर्षीय विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल को तीन दिन पहले इलाज के लिए मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह किसी गंभीर बीमारी से गुजर रहे हैं। इसलिए उनकी देखरेख करने के लिए विवेक तीन दिनों से दिल्ली जा रहे थे। विवेक मंगलवार शाम भी मां प्रेमलता अग्रवाल, पत्नी तर्जनी अग्रवाल, बड़ी बेटी जीविशा, छोटी बेटी वारिया व मामा अशोक गोयल को लेकर गए थे।

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    इन्होंने अस्पताल के सामने गेस्ट हाउस में रात में रुकने के लिए दो रूम भी लिए थे। वहीं बुधवार सुबह करीब सात बजे राधेश्याम को देखने के लिए विवेक की मौसी कमला और मौसा झावेरी लाल भी अजमेर से पहुंचे थे। मामा अशोक गोयल राजस्थान के किशनगढ़ के रहने वाले थे। सुबह बिल्डिंग में आग लगने से ये सभी लोग उसमें फंस गए थे। बुधवार रात आधिकारिक सूचना में परिवार के सभी आठ लोगों की मौत की पुष्टि की गई।

    बेंगलुरू में पढ़ती थी बड़ी बेटी, दादा से मिलने के लिए आई थी

    प्रेम बंसल के अनुसार उनकी सुबह आठ बजकर 28 मिनट पर बेटी तर्जनी से फोन पर बात हुई थी। उस दौरान तर्जनी ने रूम पर सोने की बात कही थी। इसके बाद दोपहर में पुलिस ने फोन कर घटना की जानकारी दी। जब वह पहुंचे तो मंजर देखकर उनकी रूह कांप उठी। बेटी के परिवार में काेई नहीं बचा। तर्जनी की बड़ी बेटी 21 वर्षीय जीविशा (एंजल) 12वीं करने के बाद बीटेक करने के लिए बेंगलुरू गई थी।

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    मंगलवार को ही उसे दादा से मिलने के लिए बुलाया गया था। छोटी बेटी 17 वर्षीय वारिया (पर्ल) 11वीं क्लास में थी। मौसा झावेरी लाल अजमेर के गुलाब बाड़ी में रहते थे और बैंक से रिटायर्ड थे। वहीं किशनगढ़ की लक्ष्मीनारायण कालोनी निवासी मामा अशोक गोयल मार्बल व्यापारी थे।

    ताऊ के बेटे को फोन पर लगाई बचाने की गुहार

    दिल्ली ब्यूरो के अनुसार विवेक ने आग में फंसने के दौरान कोटला दिल्ली निवासी अपने ताऊ के बेटे को फोन किया था। बताया था कि वह बेसमेंट में फंस गए हैं। उन्होंने आकर बचाने की गुहार भी लगाई थी। बताया जाता है कि जब तक उनके भाई कोटला से आए, तब तक पूरा परिवार आग की चपेट में आ चुका था।

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    गुरुग्राम में घर के बाहर पसरा सन्नाट

    बुधवार दोपहर जब हादसे की सूचना मिली तब कई मीडियाकर्मी विवेक के सेक्टर 46 स्थित घर के आगे जमा हो गए। घर के पास सन्नाटा पसरा हुआ था। पहली मंजिल पर काम करने वाली घरेलू सहायिका ने बताया कि विवेक का परिवार मंगलवार शाम को दिल्ली गया था, जो अभी तक नहीं आया है। उनके बारे में सूचना मिली है, लेकिन सटीक कोई जानकारी नहीं है।

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