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    गुरुग्राम डीएलएफ में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, 29 मई को होगी अगली सुनवाई

    Updated: Fri, 22 May 2026 01:55 AM (IST)

    गुरुग्राम के डीएलएफ फेज 1-4 में अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट सख्त है। 5099 संपत्तियों मे ...और पढ़ें

    हाईकोर्ट ने 4500 से अधिक संपत्तियों पर स्टे हटाने के संकेत दिए।

    हाईकोर्ट ने 4500 से अधिक संपत्तियों पर स्टे हटाने के संकेत दिए।

    HighLights

    1. डीएलएफ फेज 1-4 में 5099 नियम उल्लंघन पाए गए।

    2. हाईकोर्ट ने 4500 से अधिक संपत्तियों पर स्टे हटाने के संकेत दिए।

    3. 60 वर्ग गज ईडब्ल्यूएस प्लाटों पर बहुमंजिला इमारतों का मुद्दा उठा।

    गौरव सिंगला, नया गुरुग्राम। गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 से 4 में अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर अब जल्द ही बड़ी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बताया गया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन (डीटीपीई) द्वारा कुल 5099 मकानों और प्लाटों में नियम उल्लंघन पाए गए हैं।

    राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंकुर मित्तल ने कोर्ट को बताया कि इन सभी संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस और रेस्टोरेशन आदेश जारी किए गए थे। साथ ही सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से सभी लोगों को एक माह का समय दिया गया।

    विभाग के अनुसार 5099 में से केवल 763 लोगों ने आपत्तियां दाखिल कीं। इस पर डीटीपीई से स्पीकिंग आर्डर जारी किए जा चुके हैं। पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड है। कोर्ट में भी यह रिपोर्ट जानवरी में दाखिल की जा चुकी है।

    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर लगाए गए स्टे को हटाने का आग्रह किया गया। मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में लंबित कुछ मामलों को छोड़कर लगभग 4500 से अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई से स्टे हटाने के संकेत दिए हैं। मामले में अब अगली सुनवाई 29 मई को होगी। जिन संपत्ति मालिकों ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल की है, उनसे अगली सुनवाई पर मकानों के चारों तरफ के फोटो कोर्ट में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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    सुनवाई के दौरान डीएलएफ फेज-3 के ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्लाटों पर बने बहुमंजिला भवनों का मुद्दा भी उठा। संबंधित पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता को कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पहले अवैध निर्माण हटाया जाए, उसके बाद मामले पर सुनवाई की जाएगी। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कई लोगों ने 60 वर्ग गज के प्लाटों पर 8 से 9 मंजिला इमारतें खड़ी कर दी हैं, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

    बताया गया कि टाउन प्लानिंग विभाग की एनफोर्समेंट विंग द्वारा कराए गए सर्वे में डीएलएफ फेज-1 से 4 के कुल 5099 मकानों और प्लाटों में विभिन्न प्रकार के नियम उल्लंघन पाए गए थे। विभाग ने इन सभी संपत्तियों की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की थी, ताकि संबंधित मालिक अपनी स्थिति स्वयं देख सकें।

    रिहायशी क्षेत्रों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेग्युलेशन आफ अर्बन एरियाज एक्ट का उल्लंघन हैं और आगे की कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।

    -अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग

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