गुरुग्राम और मानेसर की हवा हुई जहरीली, एक्यूआई 'बेहद खराब' श्रेणी में
गुरुग्राम और मानेसर में मंगलवार को वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गई, गुरुग्राम का एक्यूआई 305 और मानेसर ...और पढ़ें

गुरुग्राम और मानेसर की हवा हुई जहरीली ( फोटो स्रोत : जागरण )
संदीप कुमार, गुरुग्राम। गुरुग्राम और मानेसर दोनों जगह मंगलवार को हवा की गुणवत्ता बिगड़कर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई।
गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) सोमवार के 246 से बढ़कर मंगलवार को 305 दर्ज किया गया। वहीं मानेसर में एक दिन में 98 अंकों की बढ़ोतरी के साथ एक्यूआइ 211 से बढ़कर 309 पर पहुंच गया।
धूल नियंत्रण इंतजाम नहीं
दोनों शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बावजूद सड़कों पर धूल नियंत्रण के इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। ग्रेप-2 के नियम लागू होने के बाद भी कई प्रमुख मार्गों पर धूल उड़ रही है।
उमंग भारद्वाज चौक से हीरो होंडा चौक और पटौदी रोड कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही के साथ धूल उड़ती रहती है। द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के किनारे मिट्टी के ढेर जमा हैं। सेक्टर 38, 39, 40 सहित कई सेक्टरों की टूटी सड़कों से धूल उड़ रही है।
पानी के छिड़काव में लापरवाही
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग जरूरी है, लेकिन कई स्थानों पर मशीनों से सफाई के बजाय झाड़ू लगाई जा रही है।
इससे धूल के महीन कण हवा में फैलते हैं। मुख्य सड़को और व्यस्त चौराहों पर पानी के टैंकरों और एंटी-स्माग गन की नियमित मौजूदगी भी नजर नहीं आ रही। इसके अलावा प्रतिबंध के बावजूद कुछ होटल और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के तंदूरों का इस्तेमाल जारी है। इससे प्रदूषण फैल रहा है।