गुरुग्राम में मां-बेटे की जोड़ी ने रचा इतिहास, श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
गुरुग्राम की अल्का सक्सेना और उनके बेटे अक्षज ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय के 20 श्लोकों का सस्वर पाठ कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज ...और पढ़ें

मां-बेटे ने श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कर बनाया रिकाॅर्ड। फोटो: जागरण
HighLights
मां-बेटे ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ किया
सेंट्रल चिन्मय ट्रस्ट ने वैश्विक पाठ कार्यक्रम आयोजित किया
एक लाख प्रतिभागियों में गुरुग्राम के मां-बेटे विजयी हुए
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम की अल्का सक्सेना और उनके 12 वर्षीय बेटे अक्षज सक्सेना का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। मां-बेटे को श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय के 20 श्लोक का सस्वर पाठ करने पर यह सम्मान मिला है।
सेंट्रल चिन्मय ट्रस्ट (इंडिया) की ओर से आयोजित श्रीमद्भगवद्गीता सस्वर पाठ कार्यक्रम में दुनियाभर से एक लाख प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इनमें भारत के 8,277 प्रतिभागी शामिल थे।
मां-बेटे ने दी थी ऑनलाइन प्रस्तुति
बीती नौ मई को सेंट्रल चिन्मय ट्रस्ट ने श्रीमद्भगवद्गीता सस्वर पाठ का ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें 50 वर्षीय अल्का सक्सेना और उनके 12 वर्षीय बेटे अक्षज सक्सेना ने भी हिस्सा लिया था। मां-बेटे ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ कर अपनी प्रस्तुति दी थी।
पदक पहुंचा तो रिकॉर्ड का पता चला
अल्का ने बताया कि उनके पास पदक और प्रमाण पत्र अब पहुंचे हैं। तभी उन्हें पता चला कि उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ है।
जवाहर नगर (सेक्टर 12) की रहने वाली अल्का साइंस विषय की अध्यापिका हैं, जबकि उनके बेटे अक्षज 7वीं कक्षा के छात्र हैं। दोनों के मधुर स्वरों के कारण यह सम्मान मिलने से गुरुग्राम का नाम भी रोशन हुआ है।
मां से प्रेरणा लेकर शुरू किया था पाठ
अक्षज ने कहा कि उन्होंने अपनी मां से प्रेरणा लेकर श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ करना शुरू किया था। जब उन्हें प्रतियोगिता के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इसमें भाग लेने का मन बनाया।
वह अनेक प्रतिभागियों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय के श्लोकों का सस्वर पाठ बेहतर तरीके से करने में कामयाब रहे। उन्हें खुशी है कि वह यह सम्मान हासिल करने में सफल रहे।
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