गुरुग्राम नगर निगम की बल्ले-बल्ले, रिकॉर्ड तोड़ प्रॉपर्टी टैक्स वसूली से खाते में आए 333 करोड़ रुपये
गुरुग्राम नगर निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर वसूली का नया रिकॉर्ड बनाया है, 26 मार्च तक 333 करोड़ रुपये एकत्र किए। यह 2017-18 के 332 करोड़ ...और पढ़ें

नगर निगम गुरुग्राम का कार्यालय।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संदीप रतन, गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने आठ साल बाद प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नगर निगम गुरुग्राम ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 26 मार्च दोपहर तक 333 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है। यह आंकड़ा पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2017-18 में बने 332 करोड़ रुपये के स्तर को भी पार कर गया है।
निगम अधिकारियों का दावा है कि 31 मार्च तक यह आंकड़ा 350 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी तथा शहर में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। नगर निगम ने इस वित्त वर्ष के लिए 270 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे तय समय से पहले ही पार कर लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, बेहतर रणनीति, सख्त निगरानी और डिजिटल माध्यमों के उपयोग से यह उपलब्धि संभव हो सकी है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार टैक्स रिकवरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दें कि नगर निगम के खर्च बढ़ने और आय कम होने के कारण निगम का खजाना खाली होने लगा था। टैक्स की रिकवरी से एक तरह से निगम के खजाने को संजीवनी मिल गई है।
डिजिटल रिमाइंडर और फील्ड विजिट का असर
निगम ने टैक्स वसूली को बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए रिमाइंडर भेजने शुरू किए हैं। इसके साथ ही नियमित सर्वे और फील्ड विजिट के माध्यम से टैक्स दायरे से बाहर रह रही संपत्तियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के चलते बड़ी संख्या में नए करदाता सिस्टम में जुड़े हैं।
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डिफाल्टर पर सख्ती, होगी सीलिंग कार्रवाई
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि टैक्स नहीं जमा करने वाले डिफाल्टरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। नए वित्त वर्ष में भी टैक्स वसूली पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि राजस्व में लगातार वृद्धि बनी रहे।
पीजी और कमर्शियल संपत्तियां निगम के रडार पर
शहर में चल रहे करीब 1200 से अधिक पीजी भी अब निगम के निशाने पर हैं। कई पीजी संचालक आवासीय दरों पर टैक्स जमा कर रहे हैं, जबकि वे व्यावसायिक श्रेणी में आते हैं। निगम ऐसे मामलों की जांच कर रहा है और जल्द ही इनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
- 200 करोड़ से ज्यादा टैक्स डिफाल्टरों पर बकाया है।
- 333 करोड़ रुपये टैक्स की अब तक वसूली।
- 350 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स 31 मार्च तक जमा होने का अनुमान है।
- 1200 पीजी शहर में संचालित किए जा रहे हैं।
गुरुग्राम में हैं सात लाख से ज्यादा संपत्तियां
| संपत्ति श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| रिहायशी | 4,37,111 |
| व्यावसायिक | 92,457 |
| औद्योगिक | 6,561 |
| संस्थानिक | 4,408 |
| खाली प्लाट | 1,11,361 |
| विशेष श्रेणी | 6,138 |
| मिश्रित उपयोग | 34,136 |
| कृषि | 13,430 |
| कुल | 7,05,602 |
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