जनगणना ड्यूटी से गुरुग्राम के 60% सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित, 70% शिक्षक स्कूलों से गायब
गुरुग्राम में डिजिटल जनगणना के कारण 70% शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे पहली से आठवीं कक्षा तक के लगभग 60% सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो र ...और पढ़ें
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गुरुग्राम में डिजिटल जनगणना के कारण 70% शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इमेज एआई
HighLights
70% शिक्षक डिजिटल जनगणना कार्य में लगे।
60% सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई।
शिक्षक संघ ने ड्यूटी हटाने की मांग की।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। 16 साल बाद शुरू हुई डिजिटल जनगणना का असर अब सरकारी स्कूलों की पढ़ाई पर साफ दिखाई देने लगा है। जिले में करीब 70 प्रतिशत शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाए जाने से पहली से आठवीं कक्षा तक के लगभग 60 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक स्कूल महचाना, प्राथमिक स्कूल सुशांत लोक सी-2, मोहम्मदपुर, प्राथमिक स्कूल चांद नगर, प्राथमिक स्कूल राजूपुर और प्राथमिक स्कूल घड़ी नत्थे खां सहित कई स्कूलों में शिक्षक जनगणना कार्य के चलते नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
शिक्षक संघ का कहना है कि इससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। इस समय जहां एक ओर प्राइमरी स्कूलों में निपुण कार्यक्रम चल रहा है, वहीं दूसरी ओर नए सत्र के दाखिले और विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के वितरण का कार्य भी जारी है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में शिक्षकों की गैरमौजूदगी से स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
नामांकन अवधि में शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी हटाने की मांग
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा की जिला इकाई ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन भेजकर विद्यालयों में चल रहे नामांकन अभियान के दौरान शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी पर आपत्ति जताई है। संघ के प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया जारी है, जबकि इसी दौरान शिक्षकों की जनगणना प्रशिक्षण में ड्यूटी लगा दी गई है।
कई स्कूलों में पूरे स्टाफ को तीन दिन के प्रशिक्षण के लिए बुलाए जाने से विद्यालयों में नामांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि बीएलओ के रूप में पहले से कार्यरत शिक्षकों, दिव्यांग तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों को जनगणना कार्य से मुक्त किया जाए, ताकि स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।