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    गुरुग्राम-सोहना राजमार्ग पर गड्ढे की मरम्मत कार्य शुरू, सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने से 9 सेक्टरों में बढ़ी थी आफत

    Updated: Sat, 09 May 2026 02:00 AM (IST)

    गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर धंसे विशाल गड्ढे की मरम्मत का काम शुक्रवार को शुरू हो गया, जिसमें डेढ़ से दो सप्ताह का समय लग सकता है। सीवर के पानी की समस्या ...और पढ़ें

    एनएचएआई ने गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर क्षतिग्रस्त गड्ढे की मरम्मत का कार्य शुरू किया।

    एनएचएआई ने गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर क्षतिग्रस्त गड्ढे की मरम्मत का कार्य शुरू किया।

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    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर धंसी सड़क और बने विशाल गड्ढे की मरम्मत का काम शुक्रवार दोपहर शुरू कर दिया गया। एनएचएआई की ओर से मौके पर मशीनें लगाकर गड्ढे तक पहुंचने के लिए रैंप बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    खोदाई और मशीनों की आवाजाही के कारण दोपहर से शाम तक हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बनी रही और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार गड्ढे की मरम्मत में डेढ़ से दो सप्ताह का समय लग सकता है।

    गड्ढे में लगातार सीवर का पानी भरने के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। जीएमडीए की टीम फिलहाल सीवर वेस्ट को दूसरी लाइन में डायवर्ट करने के प्रयास में जुटी हुई है। जीएमडीए के एक्सईएन अभिनव वर्मा ने बताया कि सीवर के वेस्ट को डायवर्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। डायवर्जन पूरा होने के बाद गड्ढे से पानी निकाला जाएगा और उसके बाद एनएचएआइ की ओर से मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।

    नौ सेक्टरों में बढ़ी सीवर की आफत

    सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने का असर आसपास के कई सेक्टरों में दिखाई देने लगा है। सेक्टर 49, 50, 51, 52, 53, 54, 55, 56 और 57 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या बढ़ गई है। यह लाइन इन सभी सेक्टरों का सीवर वेस्ट बहरामपुर एसटीपी तक पहुंचाती है। लाइन बाधित होने से कई स्थानों पर सीवर जाम और ओवरफ्लो की शिकायतें आने लगी हैं।

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    40 साल पुरानी जर्जर लाइन बनी खतरा

    गुरुग्राम-सोहना हाईवे के नीचे दबी लगभग 40 साल पुरानी है। दिसंबर 2023 से अब तक हाईवे छह बार धंस चुका है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब सीआइपीपी तकनीक से लाइन की मरम्मत कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जीएमडीए ने इसकी मंजूरी दे दी है और एनएचएआई इसकी लागत का एस्टीमेट तैयार कर रहा है।

    एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक ने बताया कि पहले सड़क का गड्ढा भरा जाएगा। इसके बाद सीवर लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा, मरम्मत कार्य का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।

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