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    गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों में फ्रेंच भाषा की एंट्री, SCERT में 26 शिक्षकों की स्पेशल ट्रेनिंग शुरू

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 05:30 AM (GMT+05:30)

    सरकारी स्कूलों में विदेशी भाषा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने फ्रेंच भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। एससीईआरटी गुरुग्राम में 26 चयनित शि ...और पढ़ें

    SCERT में तैयार हो रहे फ्रेंच शिक्षक। फाइल फोटो

    SCERT में तैयार हो रहे फ्रेंच शिक्षक। फाइल फोटो

    HighLights

    1. एससीईआरटी गुरुग्राम में फ्रेंच भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू।

    2. 26 शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण मिल रहा है।

    3. प्रशिक्षित शिक्षक स्कूलों में फ्रेंच पढ़ाएंगे, अन्य को भी प्रशिक्षित करेंगे।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में विदेशी भाषा शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में शिक्षा विभाग ने ठोस पहल करते हुए फ्रेंच भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया है।

    राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम में एक सप्ताह के विशेष पेडागोजी प्लान के तहत चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे स्कूल स्तर पर फ्रेंच भाषा शिक्षण की मजबूत आधारशिला तैयार कर सकें।

    26 शिक्षक शामिल हुए

    विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश भर से चयनित 26 शिक्षक शामिल हुए हैं, जो पिछले एक वर्ष से फ्रेंच भाषा का अध्ययन कर रहे थे।

    अब उन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों, कक्षा प्रबंधन, गतिविधि आधारित शिक्षण और इंटरएक्टिव तरीकों से भाषा पढ़ाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए पुणे से विशेषज्ञों की टीम भी गुरुग्राम पहुंची है, जो शिक्षकों को नवीन पद्धतियों से अवगत करा रही है।

    एससीईआरटी विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रशिक्षण केवल भाषा ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों को मॉडल टीचर के रूप में तैयार करने की योजना का हिस्सा है।

    दूसरे शिक्षकों को भी करेंगे प्रशिक्षित

    प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा पढ़ाएंगे और आगे चलकर अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने में सहयोग करेंगे।

    अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से सरकारी स्कूलों में विदेशी भाषा शिक्षण का दायरा बढ़ाना है, ताकि विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की भाषा सीखने का अवसर मिल सके।