हरियाणा से पश्चिमी यूपी तक जुड़ें हैं भ्रूण लिंग जांच के तार, एजेंटों के माध्यम से चल रहा अवैध कारोबार
हरियाणा से पश्चिमी यूपी तक भ्रूण लिंग जांच का अवैध नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें एजेंट गर्भवती महिलाओं को मोटी रकम लेकर लिंग परीक्षण के लिए ले जाते हैं। ग ...और पढ़ें

हरियाणा-यूपी में भ्रूण लिंग जांच का अवैध कारोबार, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई। (AI Generated Image)
HighLights
हरियाणा-यूपी में भ्रूण लिंग जांच का अवैध नेटवर्क।
एजेंट गर्भवती महिलाओं को पश्चिमी यूपी ले जाते हैं।
गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने की कई बड़ी कार्रवाई।
वरुण त्रिवेदी, गुरुग्राम। हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच पर लगातार सख्ती के बाद अवैध नेटवर्क ने अपना तरीका बदल लिया है। अब गिरोह का संचालन पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हो रहा है, जबकि ग्राहक हरियाणा से जुटाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की लगातार छापेमारी में सामने आया है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और अन्य जिलों की गर्भवती महिलाओं को एजेंटों के जरिए झांसा देकर यूपी के सीमावर्ती जिलों में स्थित अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर तक पहुंचाया जा रहा है जहां गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने का धंधा चला रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद, लोनी, बागपत, हापुड़, मथुरा समेत कई जिलों में संचालित अवैध सेंटरों से जुड़े एजेंट हरियाणा में सक्रिय हैं। इनके संपर्क में कई महिलाएं और दिल्ली व पश्चिमी यूपी के कई चिकित्सक बताए जा रहे हैं।
एजेंट गर्भवती महिलाओं को झांसे में लेकर 20 से 50 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग जांच कराता है। गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने पिछले डेढ़ साल में दस से अधिक छापेमारी की हैं। कार्रवाई के दौरान चिकित्सकों सहित 12 से अधिक आरोपितों पर कार्रवाई की गई।
सुनीता विहार में छापामार कार्रवाई करके भ्रूण लिंग जांच का पर्दाफाश
विभाग अब फर्जी ग्राहकों की मदद से एजेंटों से लेकर सरगनाओं तक पहुंचकर इनके नेटवर्क तोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। गुरुग्राम पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में बीते माह पांच जून को बिजनौर, 25 जून को मेरठ और तीन जुलाई में लोनी के सुनीता विहार में छापामार कार्रवाई करके भ्रूण लिंग जांच का पर्दाफाश किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि एजेंट पुत्र की चाह रखने वाले परिवारों को निशाना बनाता है। वंश चलाने की मानसिकता का फायदा उठाकर महिलाएं झांसे में आ जाती हैं।
हर महीने जमा करना होता है फार्म-एस
भ्रूण लिंग जांच पर निगरानी के लिए प्रत्येक पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर को हर माह की 5 तारीख तक फार्म-एस सीएमओ कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य है। इस फार्म में अल्ट्रासाउंड कराने वाली गर्भवती महिला का पूरा विवरण, जांच का चिकित्सीय कारण और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज की जाती है।
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जिला स्वास्थ्य विभाग इन रिकार्ड की जांच करने के बाद रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजता है। अधिकारियों के अनुसार फार्म-एस में गड़बड़ी, रिकार्ड अधूरा मिलने या समय पर जमा नहीं करने पर संबंधित सेंटर के खिलाफ पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा रही है।
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई और निगरानी को और तेज किया जाएगा। यह अनैतिक व आपराधिक कार्य करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि भ्रूण लिंग जांच से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें। - डॉ. लोकवीर, सीएमओ, गुरुग्राम
बीते डेढ़ साल में गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की पूर्वी यूपी में प्रमुख कार्रवाई
- जनवरी 2025 में लोनी में एक फ्लैट पर अवैध भ्रूण लिंग जांच केंद्र का भांडाफाेड़।
- मार्च 2025 में बागपत के खेकड़ा में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई। भ्रूण लिंग जांच रैकेट चलाने वाला गैंगेस्टर पकड़ा।
- नवंबर 2025 में लोनी, मथुरा और हापुड़ में भ्रूण लिंग जांच केंद्र पकड़ा।
- दिसंबर 2025 में बागपत में 8 दिसंबर को अल्ट्रासाउंड सेंटर में छापा मारा।
- जून 2026 में बिजनौर में गुरुग्राम पीसी-पीएनडीटी टीम ने कार्रवाई की। 20 दिन बाद मेरठ में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया।
- तीन जुलाई में लोनी के सुनीता विहार में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच करते आरोपित पड़ा।
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