Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dog Attack : गुरुग्राम में आवारा कुत्तों के आतंक से मचा हाहाकार! सितंबर में 2300 लोगों को बनाया शिकार

    By Edited By: Abhi Malviya
    Updated: Mon, 25 Sep 2023 02:54 PM (IST)

    शहर में कुत्ते खूंखार होते जा रहे हैं। कुत्ता काटने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग दोगुनी हो गई है ...और पढ़ें

    सितंबर में अब तक 2300 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं।
    सितंबर में अब तक 2300 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं।

    HighLights

    1. जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंची मरीजों की भीड़
    2. कई इलाके में रात में गलियों से निकलना हुआ दुश्वार

    गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। शहर में कुत्ते खूंखार होते जा रहे हैं। कुत्ता काटने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग दोगुनी हो गई है। सितंबर में अब तक 2300 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं।

    ऐसे में जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन 80 से 100 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। 

    शहर में प्रमुख सड़क व चौराहों समेत अधिकांश गलियों में आवारा कुत्ते नजर आ रहे हैं। संख्या अधिक होने से लोगों को कुत्तों के हमला करने का डर रहता है। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां रात में गलियों से निकलना दुश्वार हो जाता है।

    वरिष्ठ फिजिशियन डा. नवीन कुमार ने बताया कि आवारा कुत्तों के काटने के बाद अगर समय से उपचार नहीं हुआ तो रेबीज से मरीज हाइड्रोफोबिया बीमारी के शिकार हो जाते हैं। उक्त रोगी की मौत सुनिश्चित हो जाती है। इसलिए कुत्ते के काटने के तुरंत बाद चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है रेबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुत्ते काटने का असर पांच दिनों के अंदर होने लगता है।

    यह भी पढ़ें- Ghaziabad: पांच कुत्तों ने बच्चे पर एक साथ बोला हमला, पास से गुजर रहे डिलीवरी ब्वॉय ने बचाया; VIDEO वायरल

    कुत्ता के काटने पर सबसे जरूरी काम

    • -घाव को साफ पानी और साबुन से धोएं। ताकि घाव से खून और लार साफ हो जाए।
    • -घाव पर एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल क्रीम लगाएं। ताकि बैक्टीरियल इंफेक्शन का जोखिम कम हो।
    • -घाव पर किसी तरह की पट्टी न बांधे बेहतर है कि घाव खुला रहे, ताकि जल्दी सूख जाए।
    • - कुत्ते के काटने के 24 घंटे के अंदर चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है।

    अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज वैक्सीन है। जरूरत के अनुसार मरीजों को वैक्सीन लगाई जा रही है। प्रतिदिन 80 से 100 इंजेक्शन लग रहे हैं।

    -डॉ. मनीष राठी, प्रबंधक, नागरिक अस्पताल

    यह भी पढ़ें- Ghaziabad: रोजाना 300 से ज्यादा लोग हो रहे आवारा कुत्तों का शिकार, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

    खबरें और भी