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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bulldozer Action: गुरुग्राम में फिर गरजा बुलडोजर, आंखों के सामने टूटते गए घरों के रैंप; कुछ नहीं कर पाए लोग

    Updated: Fri, 10 Jan 2025 04:09 PM (IST)

    डीएलएफ फेज पांच में डीएलएफ प्रबंधन और ईडब्ल्यूएस ब्लाक निवासियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को डीएलएफ प्रबंधन ने बिना ड्यूटी मजिस्ट्रेट ...और पढ़ें

    टीम ने लोगों के घरों के आगे बने रैंप पर जेसीबी चला दी और तोड़फोड़ की। जागरण फोटो
    टीम ने लोगों के घरों के आगे बने रैंप पर जेसीबी चला दी और तोड़फोड़ की। जागरण फोटो

    HighLights

    1. DLF प्रबंधन ने बिना ड्यूटी मजिस्ट्रेट लोगों के रैंप पर चलाई JCB।
    2. इसके विरोध में निवासियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया था।
    3. लोग विरोध करते रहे लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।

    संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। डीएलएफ फेज पांच में डीएलएफ प्रबंधन और ईडब्ल्यूएस ब्लाक निवासियों के बीच तकरार बढ़ता ही जा रहा है। बृहस्पतिवार को तो डीएलएफ प्रबंधन ने बिना ड्यूटी मजिस्ट्रेट और इन्फोर्समेंट टीम ने लोगों के घरों के आगे बने रैंप पर जेसीबी चला दी और तोड़फोड़ की।

    निवासियों ने इसका जमकर विरोध किया और आरोप लगाया कि पूरा प्रशासन बिल्डर प्रबंधन के साथ मिला हुआ है। उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे पहले डीएलएफ प्रबंधन की तरफ से यहां 81 मकानों के सीवर-पानी के कनेक्शन काट दिए गए। इसके विरोध में निवासियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया था।

    सीवर के मैनहोल को भरने का काम शुरू किया

    इसके बाद भी प्रबंधन की तरफ से देर रात में ईडब्ल्यूएस ब्लाक में भवन सामग्री डाल सीवर के मैनहोल को भरने का काम शुरू किया गया। स्थानीय निवासी विरोध करते रहे लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं।

    अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट लॉन्च किया

    लोगों ने आरोप लगाया कि पूरा प्रशासन बिल्डर के साथ मिला हुआ है। इसका कारण यह है कि डीएलएफ प्रबंधन की तरफ से करोड़ों रुपये की कीमत के फ्लोर यहां बेचे गए। आलीशान माल का निर्माण और एक अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट लॉन्च  किया जाने वाला है। इसी के चलते डीएलएफ बिल्डर ईडब्ल्यूएस ब्लाक के निवासियों को तंग किया जा रहा है।

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    स्थानीय निवासी प्रीति मिश्रा का कहना है कि बिल्डर प्रबंधन की तरफ से 81 मकानों के बाहर के रैंप तोड़ दिए गए और सीवर-पानी के कनेक्शन को पूरा तरह से हटा दिया। सभी मकानों के मैनहोल के ढक्कन भी सील कर दिए। कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।

    डीएलएफ प्रबंधन से संपर्क करने का किया गया प्रयास 

    निवासी अभिनव, एसपी कटारिया, विशाल का कहना है कि बिल्डर प्रबंधन अपने मुनाफे के लिए यह सब कर रहा है। बिना सीवर-पानी के लोग कैसे जी सकते हैं। हमारे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। इस संबंध में डीएलएफ प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

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    ईडब्ल्यूएस ब्लाक में रहने वाले लोगों ने अपने जीवनभर की पूंजी से मकान बनाया। अब उनके मकानों को सीवर-पानी कनेक्शन काट टारगेट किया जा रहा है, जबकि पूरे गुरुग्राम की लाइसेंस कालोनियों में अवैध निर्माण हैं। किंतु डीएलएफ बिल्डर अपनी प्रापर्टी को बेचने के लिए प्रशासन की मिलीभगत से लोगों को यहां से हटाना चाह रहा है। प्रशासन को बिल्डर के विरुद्ध् कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।  - बलजीत राठी, अध्यक्ष, डीएलएफ कुतुब एन्क्लेव आरडब्ल्यूए