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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gurugram: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस MLA धर्म सिंह छौक्कर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, बेटा पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

    Updated: Mon, 20 May 2024 10:01 PM (GMT+05:30)

    Gurugram News मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering Case) के मामले में पानीपत के समालखा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर (Dharm Singh C ...और पढ़ें

    मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस MLA धर्म सिंह छौक्कर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज।
    मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस MLA धर्म सिंह छौक्कर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पानीपत के समालखा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर की मुसीबत बढ़ सकती है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष महला की अदालत ने सोमवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में विधायक के बेटे सिकंदर छौक्कर को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

    विधायक धर्म सिंह छौक्कर पर आरोप है कि उनकी कंपनी माहिरा होम्स ने किफायती आवास सोसायटी में निवेशकों के करीब 360 करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन तय समय में सोसायटी का निर्माण नहीं हो सका। इसके साथ ही लाइसेंस लेने के लिए फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल किया गया। निवेशकों से लिए पैसे को निजी काम में भी इस्तेमाल करने का आरोप है।

    कांग्रेस विधायक की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि नीरज चौधरी नामक व्यक्ति ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर अदालत की तरफ से मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया। उस आदेश के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।

    हाईकोर्ट ने दोबारा से जिला अदालत को मामला सुनने का आदेश दिया। दूसरी बार भी जिला अदालत ने मामला दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन फिर से हाईकोर्ट ने मामले को दोबारा से सुनने के लिए बाेला। इस दौरान शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली। इसके साथ ही जिस फर्जी बैंक गारंटी की बात कही जा रही है। अब तक किसी भी विभाग ने बैंक गांरटी से लिए गए लाइसेंस को रद्द नहीं किया है।

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    अभियोजन पक्ष की तरफ से अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपित से पूछताछ करनी है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। पहले भी ईडी की तरफ से लोन लेने और अन्य जानकारी के लिए दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन याचिकाकर्ता ने सहयोग नहीं किया। इसके लिए 14 बार (ईडी) प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से समन भी दिया गया था।

    अदालत ने माना कि डीटीपी विभाग की तरफ से 2022 में लाइसेंस रद किया गया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर की जमानत याचिका रद कर दी।