यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुरुग्राम और दिल्ली एयरपोर्ट के बीच कनेक्टविटी होगी और अच्छी, GMD और GMR बनाएंगे योजना
गुरुग्राम और दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच कनेक्टिविटी को और बढ़ावा देने और भविष्य में बढ़ते यातायात को बेहतर करने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढ ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम और दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच कनेक्टिविटी को और बढ़ावा देने और भविष्य में बढ़ते यातायात को बेहतर करने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान करने के लिए जीएमआर और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा महत्वपूर्ण उपाय किए जाएंगे।
इस संबंध में जीएमडीए कार्यालय में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जीएमआर समूह द्वारा संचालित) के वरिष्ठ अधिकारी, डीसीपी ट्रैफिक वीरेंद्र विज और जीएमडीए और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. श्रीनिवास ने कहा कि राजमार्ग पर ट्रैफिक की स्थिति को आसान बनाने और हवाई अड्डे तक बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे के विकास की योजना बनाई जानी चाहिए। गुरुग्राम और दिल्ली हवाई अड्डे के बीच निर्बाध पहुंच शहर के विकास और वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बेहतर आन-ग्राउंड समाधान प्रदान करने के लिए, सड़क और रेल नेटवर्क दोनों को विकसित करने की संभावना को अध्ययन में शामिल किया जा सकता है।
अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि गुरुग्राम और दिल्ली से दिल्ली हवाई अड्डे तक की पहुंच में सुधार लाने के लिए और आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए, परामर्श फर्म निप्पान कोइ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है जो गुरुग्राम और दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Airport) के बीच वर्तमान यातायात स्थिति और भविष्य में यातायात सृजन का आकलन करने के लिए आवश्यक अध्ययन करेगी।
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इस अध्ययन में यात्रा की मांग का विश्लेषण करना, क्षेत्रवार यातायात प्रवाह और आवाजाही पैटर्न का अनुमान लगाना, वर्तमान परिवहन नेटवर्क को ट्रैक करना, सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं, वाहन पार्किंग की मांग आदि को ध्यान में रखना प्रमुख उद्देश्य हैं।
बैठक में मौजूद निप्पान कोइ के अधिकारियों ने कहा कि अगले तीन महीनों के भीतर चरणबद्ध सुझाव तैयार किए जाएंगे। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आगे कहा कि गुरुग्राम और हवाई अड्डे के बीच बाहरी कनेक्टिविटी में सुधार से गुरुग्राम की आंतरिक मास्टर सड़कों और क्षेत्रों के भीतर यातायात योजना में सुधार होगा। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम से हवाई अड्डे तक निर्बाध पहुंच प्रदान करने से दिल्ली की दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यातायात की भीड़ भी कम हो जाएगी।