Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गुरुग्राम एनकाउंटर जांच में नया मोड़, काली स्कॉर्पियो बनी अहम कड़ी; मुठभेड़ में मारे गए थे 4 शूटर

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 08:29 AM (IST)

    गुरुग्राम पुलिस की जांच में सामने आया है कि एनकाउंटर में इस्तेमाल काली स्कॉर्पियो चार साल में तीन बार बिक चुकी थी, जिसे शूटर्स ने किराए पर लिया था। ...और पढ़ें

    सुशांत लोक फेज एक के ए ब्लाक का घटनास्थल पर खड़ी इसी स्कार्पियो में आए थे शूटर। संजय गुलाटी

    सुशांत लोक फेज एक के ए ब्लाक का घटनास्थल पर खड़ी इसी स्कार्पियो में आए थे शूटर। संजय गुलाटी

    HighLights

    1. शूटर्स ने हमले के लिए किराए पर ली थी काली स्कॉर्पियो।

    2. स्कॉर्पियो चार साल में तीन बार बेची जा चुकी थी।

    3. संदीप ने शूटर्स को स्कॉर्पियो और हथियार मुहैया कराए थे।

    विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस की सुशांत लोक मुठभेड़ जांच में अब गाड़ी की खरीद-फरोख्त अहम कड़ी बन गई है। पुलिस ने पता लगाया है कि आरोपित शूटर्स जिस काली स्कॉर्पियो से आए थे, वह पिछले चार साल में तीन बार बिक चुकी थी।

    आरोपितों ने हमले से पहले इस गाड़ी को रोहतक के एक व्यक्ति से किराए पर लिया था। पहचान छिपाने के लिए आगे की नंबर प्लेट पर टेप लगा रखा था। हरियाणा नंबर की स्कॉर्पियो एचआर 26एफयू 5708 पहले गुरुग्राम के सतीश के नाम से रजिस्टर थी।

    रोहतक के एक खरीदार को बेची

    जांच में पता चला कि एक साल में गाड़ी का एक्सीडेंट होने पर अशुभ मानकर उसने 2023 में इसे एक पुराने कार डीलर को बेच दिया। डीलर ने आगे रोहतक के एक खरीदार को बेची। एक साल बाद 2025 में उस खरीदार ने इसे रोहतक के ही दूसरे व्यक्ति अजय को बेच दिया।

    jagran News (2728)

    मुठभेड़ में मारे गए पांच में से तीन आरोपित रोहतक के रहने वाले थे। संभावना है इनमें से नितिन ने मौजूदा मालिक से स्कॉर्पियो किराए पर ली थी। पहले गाड़ी मालिक के अनुसार, गाड़ी खरीदते समय खास नंबर भी लिया था। एक साल बाद डीलर को बेचनी पड़ी।

    खबरें और भी

    चालान के मैसेज आते रहे

    बताया गया कि ओनरशिप ट्रांसफर और नंबर भी बदलवा दिया था, लेकिन मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हुआ था। इससे इस महीने तक उसे उस गाड़ी के चालान के मैसेज आते रहे। कहा कि हरियाणा पुलिस ने उनसे भी इस मामले में पूछताछ की है और उन्होंने सब कुछ बता दिया है। पुलिस ने पिछले तीन साल में गाड़ी के सभी खरीदारों और डीलर से भी पूछताछ की है।

    संदीप ने आरोपितों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया

    गुरुग्राम पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि बहादुरगढ़ निवासी संदीप ने आरोपितों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। इसमें स्कॉर्पियो और कुछ हथियार मुहैया कराना भी शामिल है। संदीप दीपक नांदल का करीबी बताया जा रहा है और मुठभेड़ में मारे गए आरोपित नितिन का परिचित भी है।

    यह भी पढ़ें- गुरुग्राम एनकाउंटर: कारोबारी चुप, न्याय प्रणाली कमजोर... गैंग्सटरों की वसूली का केंद्र बनी साइबर सिटी

    पुलिस के मुताबिक, संदीप और नितिन पिछले साल रोहतक में एक हत्या के प्रयास के केस में साथ में नामजद थे। बाद में दोनों को जमानत मिल गई थी। गुरुग्राम पुलिस की एक टीम ने बहादुरगढ़ में छापामारी की और कई जगहों पर तलाशी ली।