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1917 में स्वामी प्रेमानंद ने रखी थी नींव, जानिए क्यों संकट में है पटौदी का 109 साल पुराना ऐतिहासिक स्कूल

Published: Tue, 22 Sep 2026 02:09 PM (IST)

पटौदी के 109 वर्ष पुराने एमएलए वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भविष्य और भवन के उपयोग पर जाटोली निवासियों की बैठक हुई।

स्कूल बचाने के लिए आगे आए गांववाले। जागरण

स्कूल बचाने के लिए आगे आए गांववाले। जागरण

HighLights

  1. पटौदी के 109 वर्षीय एमएलए स्कूल के भविष्य पर बैठक।

  2. स्वामी प्रेमानंद ने 1917 में की थी विद्यालय की स्थापना।

  3. आर्थिक संकट और सीवर समस्या से जूझ रहा है विद्यालय।

संवाद सहयोगी, जागरण, पटौदी : करीब 109 वर्ष पुराने एमएलए वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भविष्य और भवन के समुचित उपयोग को लेकर रविवार को विद्यालय परिसर में जाटोली निवासियों की बैठक हुई।

हेलीमंडी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जगदीश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालय भवन के संरक्षण और समाजहित में उपयोग के लिए हर स्तर पर आवाज उठाने का निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार प्रसिद्ध संत स्वामी प्रेमानंद ने वर्ष 1917 में इस विद्यालय की स्थापना की थी। करीब सात एकड़ में फैले विद्यालय परिसर में 45 से अधिक कमरे हैं।

कभी यहां तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे। परिसर में प्राथमिक विद्यालय, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डीएड महाविद्यालय और औषधालय संचालित होते थे।

प्राथमिक और डीएड महाविद्यालय चल रहे, औषधालय बंद

वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय और डीएड महाविद्यालय चल रहे हैं, जबकि औषधालय बंद है। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वर्ष 2023 में बंद हुआ था और वर्ष 2024 में इसे दोबारा शुरू किया गया।

वर्ष 2017 में सहायता प्राप्त विद्यालय की व्यवस्था बंद होने के बाद आर्थिक भार प्रबंधन समिति पर आ गया। आर्थिक भार वहन नहीं कर पाने और अन्य नीतिगत कारणों से विद्यालय का संचालन प्रभावित हुआ।

विद्यालय के लिए जाटोली के लोगों ने भूमि दान में दी थी, इसलिए भवन का उपयोग समाजहित में होना चाहिए। कुछ लोगों ने परिसर में तकनीकी महाविद्यालय शुरू करने का सुझाव दिया, जबकि कुछ ने विद्यालय को सरकार को सौंपने की मांग रखी। नगर परिषद अध्यक्ष प्रवीण ठाकुरिया ने इस मामले को सरकार और वरिष्ठ नेताओं के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।

सीवर के पानी का मुद्दा भी उठा

ग्रामीणों ने कहा कि करीब पांच वर्षों से सीवर का गंदा पानी महाविद्यालय परिसर में जमा हो रहा है। उन्होंने दूसरे गांवों का पानी सीवर शोधन संयंत्र में लाने का विरोध करते हुए समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।

बैठक में पार्षद रवि चौहान, पार्षद कृष्ण कुमार, पार्षद मनोज कुमारी, पूर्व पार्षद भारत नंबरदार, पार्थ सोनी, अजयपाल सिंह और गौरव शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

इस बारे में प्रबंधकीय समिति के अध्यक्ष रमेश गर्ग का कहना है कि विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण विद्यालय बंद हो गया था। नई समिति ने इसे दोबारा शुरू किया है और वर्तमान में करीब 150 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

निर्वाचित प्रबंधकीय समिति नियमानुसार केवल विद्यालय की संचालन व्यवस्था देख सकती है और भवन को किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित करने का अधिकार उसके पास नहीं है।

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