'मैं हरियाणा का मंत्री रणबीर गंगवा बोल रहा हूं...', PWD अफसरों और BJP जिलाध्यक्षों को किया फोन; एक गलती और खुल गई पोल
मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर सरकारी अधिकारियों और भाजपा नेताओं को फर्जी कॉल कर अनुचित लाभ लेने के मामले में हिसार साइबर क्राइम पुलिस ने दो आरोपियों ज् ...और पढ़ें

मंत्री गंगवा के नाम से फर्जी कॉल कर अधिकारियों व भाजपा पदाधिकारियों को ठगने के प्रयास, दो गिरफ्तार।
HighLights
मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर फर्जी कॉल
सरकारी अधिकारियों, भाजपा नेताओं को निशाना बनाया
हिसार साइबर क्राइम ने दो आरोपी पकड़े
जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (बीएंडआर) मंत्री रणबीर गंगवा के नाम व पहचान का दुरुपयोग कर सरकारी अधिकारियों तथा भाजपा पदाधिकारियों को फर्जी कॉल करने का मामला सामने आया है।
आरोपितों ने अंबाला के पीडब्ल्यूडी के एसई सहित कई अधिकारियों और भाजपा नेताओं को फोन कर विभिन्न कार्य कराने के निर्देश देकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया। करनाल भाजपा जिलाध्यक्ष को खुद को मंत्री का पीए बताते हुए 75 हजार रुपये में फर्नीचर बेचने की बात भी कही।
इस मामले में मंत्री के विशेष सहायक अरुण कुमार की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना हिसार में अज्ञात के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के नाडका निवासी ज्ञान सिंह और फैजल खान को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है।
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने सिम किसी अन्य व्यक्ति को दी थी, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि संबंधित सिम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ली गई थी और इन्हीं से फर्जी कॉल की गई। शिकायतकर्ता कैमरी रोड स्थित माल कॉलोनी निवासी अरुण कुमार ने बताया कि वह मंत्री रणबीर गंगवा के विशेष सहायक हैं।
उन्होंने शिकायत में कहा कि एक व्यक्ति खुद को मंत्री रणबीर गंगवा बताकर लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों तथा भाजपा पदाधिकारियों को फोन कर विभिन्न कार्य कराने और अनुचित लाभ लेने का प्रयास कर रहा था।
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अंबाला के एसई को कॉल कर दिए निर्देश
शिकायत के अनुसार 18 जुलाई को आरोपित ने पीडब्ल्यूडी अंबाला के एसई भूपेंद्र सिंह को फोन कर एक अन्य व्यक्ति के पक्ष में काम कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उसी दिन दूसरे मोबाइल नंबर से भी उन्हें कॉल की गई। हालांकि भूपेंद्र सिंह ने धोखाधड़ी की आशंका होने पर कॉल रिसीव नहीं की। इसी दिन पीडब्ल्यूडी गुरुग्राम के एसडीई प्रेम सिंह को भी फोन कर कहा गया कि मंत्री रणबीर गंगवा के संदर्भ से एक व्यक्ति मिलेगा और उसका काम कर दिया जाए।
करनाल व पानीपत के भाजपा जिलाध्यक्षों को भी किया कॉल
पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 जुलाई को आरोपित ने पानीपत भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट तथा करनाल भाजपा जिला अध्यक्ष परवीन लाठर को भी खुद को मंत्री बताकर कॉल की। शिकायत के अनुसार इन कॉल का उद्देश्य भी मंत्री की पहचान का इस्तेमाल कर अनुचित लाभ लेना था। करनाल भाजपा जिलाध्यक्ष को खुद को मंत्री का पीए बताकर 75 हजार रुपये में फर्नीचर बेचने की बात भी कही गई।
मंत्री के करीबी की कॉल से खुला फर्जीवाड़ा
मामला तब सामने आया जब मंत्री रणबीर गंगवा के करीबी सतबीर वर्मा ने 20 जुलाई को उक्त नंबर पर कॉल कर पूछा कि कौन बोल रहा है। इस पर कॉल करने वाले ने स्वयं को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा बताया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपित ने ट्रू-कॉलर पर मंत्री रणबीर गंगवा का नाम और फोटो लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाई हुई थी, ताकि लोग उस पर विश्वास कर ले।
शिकायत में कहा गया कि आरोपित लगातार मंत्री की पहचान, नाम और सरकारी पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था। इससे मंत्री के पद की विश्वसनीयता के साथ-साथ सरकारी विभागों के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी, 84सी तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 318(2) और 319 के तहत केस दर्ज किया है।