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    हरियाणा के नए जिले हांसी में बनेगा पहला 'बैरियर फ्री' पार्क, दिव्यांगों और बुजुर्गों को मिलेंगी खास सुविधा

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 04:10 PM (GMT+05:30)

    हांसी में महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पहला 'बैरियर फ्री' पार्क बनेगा। 45 लाख की लागत से बनने वाले इस पार्क में ...और पढ़ें

    हरियाणा के नए जिले हांसी में बनेगा पहला 'बैरियर फ्री' पार्क (File Photo)

    हरियाणा के नए जिले हांसी में बनेगा पहला 'बैरियर फ्री' पार्क (File Photo)

    HighLights

    1. हांसी में पहला 'बैरियर फ्री' महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क

    2. दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष समावेशी सुविधाएं

    3. पायलट प्रोजेक्ट सफल तो अन्य पार्कों का भी विकास

    जागरण संवाददाता, हांसी। शहर में अब ऐसा पार्क बनने जा रहा है, जहां किसी की शारीरिक कमजोरी उसकी खुशी के आड़े नहीं आएगी। पहली बार हांसी में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह ''बैरियर फ्री पार्क'' तैयार किया जाएगा।

    नगर परिषद ने महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क को समावेशी सुविधाओं से लैस करने की तैयारी पूरी कर ली है। करीब 45 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस विशेष पार्क का टेंडर आवंटित हो चुका है। कार्यदायी एजेंसी ने उपकरणों और अन्य सामग्री का निर्माण शुरू करा दिया है। सामग्री पहुंचते ही पार्क में स्थापना का काम शुरू होगा।

    यह पार्क केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां ऐसे रास्ते, व्यायाम उपकरण और खेल सामग्री होगी, जिन्हें दिव्यांगजन और बुजुर्ग बिना किसी सहारे के इस्तेमाल कर सकेंगे। नगर परिषद इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर रही है।

    यदि यह मॉडल सफल रहा तो भविष्य में शहर के अन्य पार्कों को भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा। लंबे समय से ऐसे सार्वजनिक स्थान की जरूरत महसूस की जा रही थी, जहां हर आयु और हर क्षमता का व्यक्ति बिना किसी बाधा के समय बिता सके।

    पहली बार मिलेंगी ये विशेष सुविधाएं

    • पूरे पार्क में व्हीलचेयर अनुकूल रैंप और समतल पाथवे।
    • एंटी स्किड वाकिंग ट्रैक, जिससे बुजुर्ग सुरक्षित टहल सकेंगे।
    • दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष झूले और खेल उपकरण।
    • बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग डिजाइन के ओपन जिम उपकरण।
    • व्हीलचेयर फ्रेंडली बेंच और सुलभ शौचालय।
    • बिना अवरोध के पार्क के प्रत्येक हिस्से तक पहुंच की व्यवस्था।

    क्यों जरूरी था ऐसा पार्क?

    हांसी शहर में नगर परिषद, नगर सुधार मंडल और एचएसवीपी के अंतर्गत करीब 27 पार्क हैं, लेकिन अधिकांश पार्क सामान्य डिजाइन पर बने हैं। ऊंचे फुटपाथ, सीढ़ियां, संकरे रास्ते और अनुपयुक्त खेल उपकरणों के कारण दिव्यांगजन और बुजुर्ग इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में नगर परिषद ने पहली बार समाज के इस वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष पार्क विकसित करने की योजना बनाई है।

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    सिर्फ घूमने की जगह नहीं, आत्मविश्वास का केंद्र बनेगा पार्क

    विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे पार्क दिव्यांग बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सामाजिक सहभागिता भी मजबूत करते हैं। बुजुर्गों को नियमित व्यायाम और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, जबकि विशेष फिटनेस उपकरण फिजियोथेरेपी जैसी गतिविधियों में भी सहायक साबित होंगे। परिवार के सभी सदस्य एक ही स्थान पर साथ समय बिता सकेंगे।

    ट्रायल सफल तो बदल जाएगी शहर के पार्कों की तस्वीर

    नगर परिषद फिलहाल महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क को मॉडल पार्क के रूप में विकसित कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल रहती है तो शहर के अन्य पार्कों में भी चरणबद्ध तरीके से इसी प्रकार की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे हांसी की पहचान एक समावेशी और दिव्यांग अनुकूल शहर के रूप में मजबूत होगी।

    शहर के लिए क्यों खास है यह परियोजना?

    यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का प्रतीक होगी। पहली बार शहर में ऐसी सार्वजनिक जगह तैयार होगी, जहां दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और बच्चे बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार और सुविधा के साथ समय बिता सकेंगे। हांसी के शहरी विकास में यह कदम सामाजिक समावेशन की दिशा में एक नई पहचान बनाने वाला साबित हो सकता है।

    बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष पार्क का टेंडर आवंटित किया जा चुका है। उपकरण और अन्य सामग्री तैयार कराई जा रही है। सामग्री उपलब्ध होते ही महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क में स्थापना कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -जयवीर, एमई, नगर परिषद हांसी