यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: 'हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो उठाएंगे अगला कदम', लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने 15 जुलाई तक दिया अल्टीमेटम
Haryana News छह महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अब 15 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं त ...और पढ़ें

HighLights
- रबी फसल 2024 ओलावृष्टि व पाले से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा प्रभाव से डाला जाए।
- खेड़ी चोपटा तहसील का खरीफ 2021 के फसल खराबे का बकाया मुआवजा डाला जाए।
- मनरेगा मजदूरों को 200 दिन काम और 600 रुपये दिहाड़ी दी जाए।
जागरण संवाददाता, हिसार। संयुक्त किसान मोर्चा का धरना लघु सचिवालय गेट के बाहर 197वें दिन वीरवार को भी जारी रहा। वीरवार को धरने पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने मोर्चा संभाला। अध्यक्षता भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष धर्मपाल बडाला व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कोथ ने की।
संचालन प्रदेश महासचिव सोमवीर भगाना व प्रदेश प्रवक्ता जोगिंदर मय्यड़ ने किया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि किसान-मजदूर लगातार 197वें दिनों से धरनारत हैं, लेकिन जिला प्रशासन किसानों की जायज मांगों को अनदेखा कर रहा है।
किसानों की ये हैं प्रमुख मांगें
- प्रमुख मांगें में खरीफ 2024 का बीमा व मुआवजा।
- खरीफ 2022 का 48 करोड़ मंजूरशुदा मुआवजा किसानों के खातों में डाला जाए।
- रबी फसल 2024 ओलावृष्टि व पाले से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा प्रभाव से डाला जाए।
- खेड़ी चोपटा तहसील का खरीफ 2021 के फसल खराबे का बकाया मुआवजा डाला जाए।
- खेड़ी चोपटा तहसील की तर्ज पर 6500 रुपये आदमपुर व बालसमंद तहसील के किसानों को दिया जाए।
- मनरेगा मजदूरों को 200 दिन काम और 600 रुपये दिहाड़ी दी जाए।
- बास टोल से लगते गांव में आगजनी से बर्बाद फसलों का मुआवजा जल्द से जल्द डाला जाए।
- ट्यूबवैल कनेक्शन व ट्यूबवैल शिफ्टिंग का जल्द समाधान किया जाए आदि सभी मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।
लेंगे कड़ा ओर ठोस फैसला
जिला प्रशासन ने संयुक्त किसान मोर्चा से 15 जुलाई तक का समय मांगा था। अगर 15 जुलाई तक सभी मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो आगामी रणनीति बनाई जाएगी। सभी किसान मजदूर संगठन बैठक करके कड़ा ओर ठोस फैसला लेंगे। धरने पर सुजान सोथा पूर्व सरपंच, सुंदर सिंह पंवार पनिहारी, सतबीर सिंह, धर्मपाल, संजय धारीवाल सुल्तानपुर, देवेंद्र सिहं लौरा, सुरेंद्र मान, राजबीर सरपंच न्योली आदि शामिल रहे।