हरियाणा BJP में बगावत! हिसार जिलाध्यक्ष से तंग आकर 11 मंडल अध्यक्षों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, अलर्ट मोड़ पर हाईकमान
हिसार में भाजपा के 11 मंडल अध्यक्षों ने जिला अध्यक्ष की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। ...और पढ़ें

बीजेपी हिसार अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ (फाइल)
HighLights
हिसार में 11 भाजपा मंडल अध्यक्षों का सामूहिक इस्तीफा
जिला अध्यक्ष की कार्यशैली पर लगाए गंभीर आरोप
संगठनात्मक लोकतंत्र कमजोर होने और एकतरफा फैसलों का दावा
जागरण संवाददाता, हिसार। भारतीय जनता पार्टी के हिसार संगठन में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। जिला अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिले के 13 में से 11 मंडल अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
सभी मंडल अध्यक्षों ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे संयुक्त इस्तीफे में आरोप लगाया है कि संगठन में संवाद की जगह एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं, समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं की लगातार उपेक्षा की गई और संगठनात्मक लोकतंत्र कमजोर हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष को संबोधित पत्र में मंडल अध्यक्षों ने लिखा है कि उन्होंने संगठन को सर्वोपरि मानते हुए प्रत्येक चुनाव, अभियान और संगठनात्मक दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। इसके बावजूद लंबे समय से जिला अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर मंडल अध्यक्षों में असंतोष बना हुआ था। हालांकि, बीजेपी ने इस बाबत संज्ञान लिया है और पार्टी डेमैज कंट्रोल करने में जुटी गई है।
एक तरफा निर्णय लेने के लगे आरोप
पत्र के अनुसार, मंडल अध्यक्षों का आरोप है कि संगठनात्मक संवाद के स्थान पर एकतरफा निर्णय लिए गए, तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली अपनाई गई तथा कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज किया गया।
उनका कहना है कि जिला अध्यक्ष के कई निर्णयों और व्यवहार से समर्पित कार्यकर्ताओं में भ्रम, असंतोष और निराशा का माहौल बना, जिससे संगठन की चुनावी तैयारियों और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की लेकिन...
इस्तीफा देने वाले मंडल अध्यक्षों ने दावा किया कि उन्होंने प्रदेश महामंत्री, संगठन मंत्री तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिकायतों के समाधान के बजाय बिना पूर्व सूचना, बिना कारण बताए और बिना संगठनात्मक संवाद के तीन मंडल अध्यक्षों को पद से हटा दिया गया।
इन्हीं परिस्थितियों का हवाला देते हुए सभी 11 मंडल अध्यक्षों ने तत्काल प्रभाव से अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। मंडल अध्यक्षों ने प्रदेश नेतृत्व से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संगठनात्मक लोकतंत्र, कार्यकर्ताओं के सम्मान और संगठन की मूल भावना को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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यहां पढ़ें लेटर में क्या लिखा?

पत्र में आगे लिखा गया...
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