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    ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, हिसार पुलिस ने राजस्थान से दबोचे तीन ठग

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 10:56 PM (IST)

    हिसार साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन सस्ती ड्रेस और गिफ्ट के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपित राजस्थान से गिरफ्तार।

    ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपित राजस्थान से गिरफ्तार।

    HighLights

    1. हिसार साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के तीन आरोपी पकड़े।

    2. राजस्थान से गिरफ्तार आरोपियों ने 32,850 रुपये की धोखाधड़ी की।

    3. आरोपी उमाशंकर, सेवक सिंह, विकास मीणा न्यायिक हिरासत में भेजे गए।

    जागरण संवाददाता, हिसार। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन सस्ती ड्रेस और गिफ्ट खरीदने का झांसा देकर ऋषि नगर के रहने वाले कमल के साथ हजारों रुपये की धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपितों को राजस्थान से गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने पकड़े गए आरोपित राजस्थान के जिला बूंदी के गांव बरूधन निवासी उमाशंकर सैनी, छतरपुरा निवासी सेवक सिंह अैर मेरूपुरा निवासी विकास मीणा को धोखाधड़ी के मामले में अदालत में पेश किया। जहां से तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में छापेमार कार्रवाई कर रही है।

    पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि ऋषि नगर के रहने वाले कमल ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने इंटरनेट पर सस्ती कीमत पर ड्रेस बेचने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर क्लिक करने पर उसकी बातचीत वॉट्सऐप के माध्यम से हुई।

    आरोपितों ने पहले कम कीमत में ड्रेस उपलब्ध कराने का झांसा दिया, फिर अधिक खरीदारी करने पर आकर्षक गिफ्ट और कैशबैक का लालच देकर अलग-अलग यूपीआई आईडी पर कई किस्तों में रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायतकर्ता ने कुल 32,850 रुपये जमा करवाए।

    मामले की जांच के दौरान सहायक उप निरीक्षक राजा राम ने बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का बड़ा हिस्सा इक्विटास बैंक एवं अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ था।

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    तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के बूंदी और कोटा पहुंची। वहां पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों उमाशंकर, सेवक सिंह और विकास मीणा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपित उमाशंकर ने अपना बैंक खाता रुपये के लालच में साइबर ठगी के लिए सह-आरोपित सेवक सिंह को उपलब्ध कराया था। सेवक सिंह ने उक्त बैंक खाता आगे विकास मीणा को साइबर अपराध में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया।

    सिम कार्डों की जांच में जुटी पुलिस

    गिरफ्तार आरोपितों के पास से तीन मोबाइल बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दो आरोपित अन्य व्यक्तियों की पहचान पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। बरामद मोबाइल और सिम कार्डों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच की जा रही है ताकि साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का राजफाश किया जा सके।