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    Haryana Weather: फरवरी में ही अप्रैल की गर्मी का एहसास, हिसार रहा सबसे गर्म शहर; आज कैसा रहेगा हरियाणा का मौसम?

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    हरियाणा के कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी के बावजूद गर्मी का प्रकोप जारी है। हिसार में फरवरी के अंत में तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प ...और पढ़ें

    फरवरी में ही अप्रैल जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन का संकेत (फाइल फोटो)

    फरवरी में ही अप्रैल जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन का संकेत (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. हिसार में 32.9 डिग्री तापमान, प्रदेश में सर्वाधिक दर्ज

    2. फरवरी में ही अप्रैल जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन का संकेत

    3. किसानों को गेहूं की फसल बचाने हेतु सिंचाई की सलाह

    जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा के कई जिलों में शुक्रवार देर रात हुई हल्की बूंदाबांदी बढ़ती गर्मी के आगे बेअसर साबित हुई। शनिवार को हालात ऐसे रहे मानो अप्रैल ने समय से पहले ही दस्तक दे दी हो। दोपहर में सूरज की तपिश इतनी तीखी थी कि सड़कों पर निकलते ही लोगों के पसीने छूट गए।

    बाजारों और मुख्य चौराहों पर दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में कम रौनक नजर आई। शनिवार को हिसार का तापमान पूरे प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो इस मौसम के लिए असामान्य रूप से अधिक है।

    वहीं न्यूनतम तापमान भी करीब तीन डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी के अंतिम दिनों में इस तरह की गर्मी ने लोगों को चौंका दिया है।

    मौसम विज्ञानी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस वर्ष गर्मी ने तय समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले वर्षों में ऐसा तापमान आमतौर पर 15 अप्रैल के बाद देखने को मिलता था, लेकिन इस बार फरवरी के अंत में ही पारा 32 डिग्री के पार पहुंच गया है। यह बदलते मौसम चक्र और जलवायु प्रभावों की ओर भी संकेत करता है।

    उन्होंने बताया कि हाल ही में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था, जो अब प्रदेश से आगे निकल चुका है। इसी के प्रभाव से शुक्रवार रात करीब 11 बजे हिसार, महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, भिवानी और पश्चिमी हरियाणा के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी दर्ज की गई। हालांकि, यह बारिश इतनी कम थी कि तापमान पर कोई खास प्रभाव नहीं डाल सकी। मौसम विभाग के अनुसार, तीन मार्च को एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। जिससे आंशिक बादलवाई देखने को मिलेगी।

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    किसानों के लिए अहम सलाह

    डॉ. चंद्रमोहन ने किसानों को आगाह करते हुए कहा कि समय से पहले पड़ रही गर्मी गेहूं की फसल के लिए चुनौती बन सकती है। अधिक तापमान के कारण दाना कमजोर होने की आशंका रहती है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय पर सिंचाई करें और फसल की नियमित निगरानी बनाए रखें, ताकि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।