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    हिसार के होटल डिजायर में लगी भीषण आग, युवती ने दूसरी मंजिल से कूदकर बचाई जान

    Updated: Thu, 07 May 2026 02:00 PM (IST)

    हिसार के रेडक्रास मार्केट स्थित होटल डिजायर में भीषण आग लग गई, जिससे पास की इमारत में फंसी एक युवती ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई। ...और पढ़ें

    होटल डिजायर में भीषण आग, दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर युवती ने बचाई जान।

    होटल डिजायर में भीषण आग, दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर युवती ने बचाई जान।

    HighLights

    1. हिसार के होटल डिजायर में भीषण आग, संपत्ति का भारी नुकसान

    2. युवती ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई, एक महिला घायल

    3. दमकल विभाग को आग बुझाने में लगे तीन घंटे

    जागरण संवाददाता, हिसार। शहर के व्यस्त रेडक्रास मार्केट में बुधवार की दोपहर करीब साढ़े चार बजे अचानक अफरा-तफरी में बदल गई, जब होटल डिजायर की इमारत से उठती आग की लपटों ने इलाके को दहला दिया। देखते ही देखते आग और धुंआ ने भय का ऐसा घेरा बनाया कि जान बचाना ही प्राथमिकता बन गया। आग होटल डिजायर के साथ वाली बिल्डिंग तक पहुंच गई।

    इस भयावह घटना में पास वाली बिल्डिंग में भी आग की लपटें पहुंच गई। घटना के दौरान पास की इमारत में फंसी 22 वर्षीय नेहा के सामने जान बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा। धुएं से घिर चुकी युवती ने खिड़की का शीशा तोड़कर मदद के लिए पुकार लगाई। प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्परता दिखाते हुए कंबल फैलाया और युवती ने साहसिक छलांग लगा दी। इस दौरान उसे चोटें आईं, लेकिन उसकी जान बच गई।

    इसके अलावा वहां मौजूद एक महिला पुष्पा के सिरे में बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से ईंट गिरने वह घायल हो गई। इस घटना में तीन वाहन भी आग की चपेट में आ गए। यह बिल्डिंग नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त शालिनी चेतल के स्वजन की है। होटल में आग तेजी से फैलने का बड़ा कारण बाहर की तरफ लगी फाइबर शीटें थी।

    ग्राउंड फ्लोर से उठी चिंगारी, बना विकराल रूप

    दोपहर करीब साढ़े चार बजे होटल के ग्राउंड से उठी आग की लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। होटल के भीतर मौजूद करीब सात-आठ लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।

    खबरें और भी

    4.43 मिनट पर केंद्र से निकली पहली दमकल गाड़ी, शहर में गूंजे सायरन,

    शाम 4:43 बजे सूचना मिलते ही दमकल विभाग हरकत में आया। एक के बाद एक करीब दस दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पानी और फोम की बौछारों के बीच करीब तीन घंटे की अथक मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक होटल की बेसमेंट सहित छह मंजिला इमारत तक अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था।

    केबल में उलझी गाड़ी, गिरी ईंट से महिला घायल

    आग बुझाने के दौरान एक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई। दमकल गाड़ी के केबल तारों में उलझने से खिंचाव हुआ और होटल डिजायर के पिछली तरफ वाली एक इमारत से एक ईंट गिरी। जो नीचे खड़ी महिला पुष्पा के सिर पर लगी। गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल एंबुलेंस तक लेकर जाया गया जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया।

    सुरक्षा में दिखी चूक, ऊंची इमारत, लेकिन इंतजाम नाकाफी

    बेसमेंट सहित छह मंजिला इस इमारत में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। हालांकि कुछ अग्निशमन सिलेंडर मौजूद थे, लेकिन वे नाकाफी साबित हुए। इमारत में रखे एलपीजी गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, अन्यथा बड़ा विस्फोट हो सकता था। हालांकि इस दौरान करीब तीन एससी के कंप्रेशर फटने की आवाज भी लोगों ने सुनी।

    हाइड्रोलिक प्लेटफार्म का अभाव भी आग बुझाने में बना चुनौती

    दमकल विभाग के पास ऊंचाई तक पहुंचने के लिए पर्याप्त उपकरण नहीं थे। केवल 15 फीट की सीढ़ियों के सहारे 12 मीटर ऊंची इमारत तक पहुंचना मुश्किल साबित हुआ। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की कमी के कारण आग बुझाने में अतिरिक्त समय लगा। कारण था कि आग बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से और छत पर लगी भी तेजी से फैल गई थी।

    संपत्ति का नुकसान, वाहन से लेकर दुकानों का सामान जला

    आग की चपेट में आकर एक स्कूटी पूरी तरह जल गई, जबकि होटल के सामने खड़े दो अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा एक दो वाहन भी हल्की आग की चपेट में अवश्य आए लेकिन बड़ा नुकसान नहीं हुआ। आसपास की दुकाने और पड़ोसी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। पड़ोस की साई एन्फोटेक बिल्डिंग में पहली मंजिल तक आग और ऊपरी मंजिलों तक धुआं फैल गया था।

    आगजनी पर दमकल कर्मियों की हड़ताल का भी दिखा असर

    दमकल टीम ने पूरी तत्परता से काम किया, लेकिन अनुभवी कर्मचारियों की कमी साफ नजर आई। हड़ताल के चलते कई दमकल कर्मियों सहित होमगार्ड और वालंटियर्स की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ। आग बुझाने में अनुभव की कमी झलकी और आग पर काबू पाने में अतिरिक्त समय लगा।

    प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट से लगी आग की आशंका

    जिला फायर अधिकारी सुरेश मान के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट-सर्किट माना जा रहा है। समय रहते गैस सिलेंडरों को बाहर निकाल लेना एक बड़ी दुर्घटना को टालने में सहायक रहा।

    प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी आगजनी की कहानी

    रामकुमार (चाय विक्रेता): मैंने सबसे पहले आग की लपटें देखीं। ग्राउंड फ्लोर से आग की लपटें निकल रही थी। तुरंत होटल स्टाफ को सूचना दी। वे सात-आठ लोग थे जो जान बचाने के लिए बाहर की तरफ दौड़े। कुछ ही मिनटों में देखते ही देखते आग ऊपर तक पहुंच गई।
    दीपक चौपड़ा (पड़ोसी): युवती को बचाने के लिए हमने कंबल का सहारा लिया। आठ-दस युवकों का यह एक सामूहिक प्रयास था, जिसने एक युवती की जान बचा ली। हालांकि उसे इस दौरान चोटे आई। उसे एक अस्पताल में उपचार के लिए कुछ लोगों ने पहुंचाया।
    गौरव: होटल डिजायर में आगजनी के चलते पास वाली बिल्डिंग में भी आग पहुंच गई। धुआं ऊपरी मंजिल तक पहुंच गया। इस दौरान दूसरी मंजिल से युवती नीचे कूदी। लोगों की मदद से उसे बचाया गया। आग बहुत भीषण थी।