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    हरियाणा में आज बारिश के आसार, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    हरियाणा में हल्की बूंदाबांदी के बावजूद मानसून कमजोर रहा, जिससे उमस और किसानों की चिंता बढ़ी। 3 से 8 अगस्त के बीच मानसून के फिर सक्रिय होने और वर्षा की ...और पढ़ें

    हरियाणा में आज से वर्षा के आसार।

    हरियाणा में आज से वर्षा के आसार।

    HighLights

    1. हरियाणा में हल्की बूंदाबांदी, मानसून अभी भी कमजोर रहा।

    2. 3 से 8 अगस्त के बीच मानसून फिर सक्रिय होगा, वर्षा की उम्मीद।

    3. अल-नीनो के कारण अगस्त-सितंबर में मानसून कमजोर रहने का अनुमान।

    जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा के कई जिलों में शनिवार को हल्की बूंदाबांदी और खंड वर्षा दर्ज की गई, लेकिन इससे कमजोर पड़े मानसून को ज्यादा मजबूती नहीं मिल सकी।

    करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और एनसीआर के कुछ हिस्सों में वर्षा हुई, जबकि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिनभर उमस भरी गर्मी बनी रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तीन अगस्त से मौसम का मिजाज बदल सकता है। तीन से आठ अगस्त के बीच हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है।

    वर्षा की कमी के कारण प्रदेश में दिन और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उमस भरी गर्मी से आमजन परेशान हैं, वहीं खरीफ फसलों में नमी की कमी के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

    रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सिरसा में 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हिसार में अधिकतम 36.5 और न्यूनतम 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान भिवानी में 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक तरफ गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं, जबकि हरियाणा के पश्चिमी जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली का असर मुख्य रूप से हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों तक ही सीमित रहा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में वर्षा की कमी बनी हुई है।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में मानसून टर्फ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर राजस्थान के आसपास बनी हुई है, जिससे हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आया डिप्रेशन गुजरात की ओर बढ़ने के बाद कमजोर पड़ रहा है, इसलिए प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां भी सीमित हो गई है।

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    तीन अगस्त से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने और उत्तरी राजस्थान व दक्षिणी पंजाब के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है।

    इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून टर्फ दोबारा हरियाणा की ओर बढ़ेगी। तीन से आठ अगस्त के बीच प्रदेश, एनसीआर और दिल्ली में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

    अल-नीनो का रहेगा असर

    डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण अल-नीनो की स्थिति मजबूत हो रही है। इसके चलते अगस्त और सितंबर में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है।

    देशभर में मानसून की दूसरी छमाही में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के 94 प्रतिशत से कम वर्षा होने का अनुमान है। साथ ही अगस्त में अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।